भोपाल । गुरुवार, 23 अप्रैल 2026
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में कथित अवैध धर्मांतरण की गतिविधियों पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले के एक सुदूर इलाके में चल रहे संदिग्ध कार्यक्रम पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में सक्रिय उन समूहों की चिंता बढ़ा दी है जो कथित तौर पर भोले-भाले ग्रामीणों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसा रहे थे।
कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस अधीक्षक कार्यालय को मिली एक गुप्त सूचना के अनुसार, एक बंद कमरे में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को एकत्रित किया गया था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि वहां प्रोजेक्टर के माध्यम से कुछ विशेष धार्मिक वीडियो दिखाए जा रहे थे और उपस्थित लोगों को वर्तमान धर्म के प्रति हीन भावना पैदा कर नए धर्म को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
पुलिस ने मौके से निम्नलिखित वस्तुएं जब्त की हैं:
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धार्मिक साहित्य: बड़ी मात्रा में मुद्रित सामग्री और किताबें।
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प्रचार सामग्री: डिजिटल डेटा और पंपलेट्स।
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इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: एक आधुनिक प्रोजेक्टर और साउंड सिस्टम।
संभावित सुधार और कानूनी स्पष्टता
प्रारंभिक रिपोर्टों में इसे केवल एक स्थानीय सभा बताया गया था, लेकिन नवीनतम अपडेट के अनुसार, पुलिस इसे एक संगठित नेटवर्क के रूप में देख रही है। मध्य प्रदेश में ‘धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम’ (Freedom of Religion Act) के तहत धर्मांतरण के लिए जिला मजिस्ट्रेट को पूर्व सूचना देना अनिवार्य है। इस मामले में किसी भी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।
महत्वपूर्ण तथ्य: मध्य प्रदेश सरकार ने धर्मांतरण कानूनों को अत्यधिक सख्त कर दिया है। सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में अब 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
जांच का दायरा
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन आरोपियों को फंडिंग कहाँ से मिल रही थी। जब्त किए गए प्रोजेक्टर और प्रचार सामग्री की गुणवत्ता को देखते हुए विदेशी फंडिंग या किसी बड़े एनजीओ (NGO) की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। जिले के अन्य आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की गतिविधियों की आशंका जताई जा रही है।
Matribhumisamachar


