बेंगलुरु । मंगलवार, 23 जून 2026
मशहूर और बहुभाषी अभिनेता प्रकाश राज (Prakash Raj) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इंटरनेट और मीडिया गलियारों में यह खबर तेजी से फैल रही है कि बेंगलुरु की एक अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant – NBW) जारी किया है। उन पर आरोप लगाया गया है कि वह भारत के अलग-अलग राज्यों में एक से अधिक वोटर आईडी कार्ड (Mutliple Voter ID Cards) इस्तेमाल कर रहे हैं, जो चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन है।
लेकिन क्या इस खबर में पूरी सच्चाई है या यह सिर्फ एक अफवाह है? आइए इस पूरे मामले की कड़ियों और खुद प्रकाश राज द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण को विस्तार से समझते हैं।
क्या है पूरा मामला और क्या हैं आरोप?
सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला साल 2019 का है। बेंगलुरु के एक वकील/शिकायतकर्ता दिलीप कुमार ने हलासूरू गेट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में दावा किया गया था कि अभिनेता प्रकाश राज के पास कर्नाटक (बेंगलुरु), तमिलनाडु (वेलाचेरी) और तेलंगाना (सेरीलिंगमपल्ली) समेत तीन राज्यों में कुल 4 वोटर आईडी कार्ड मौजूद हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि पुलिस और चुनाव आयोग द्वारा प्रारंभिक स्तर पर कोई कड़ी कार्रवाई न होने के कारण उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। यह मामला बेंगलुरु की 48वीं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) कोर्ट में चल रहा है, जहाँ कथित तौर पर अभिनेता को दो से तीन बार समन भेजा गया, लेकिन उनके उपस्थित न होने पर गैर-जमानती वारंट जारी होने की खबरें उड़ीं।
प्रकाश राज का पलटवार: “ये सब फेक न्यूज है”
इस वायरल खबर पर खुद अभिनेता प्रकाश राज ने चुप्पी तोड़ी है और मीडिया के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अभिनेता ने इन खबरों की कटिंग साझा करते हुए इसे पूरी तरह मनगढ़ंत बताया।
प्रकाश राज ने तंज कसते हुए लिखा:
“बिके हुए लोग.. फर्जी खबरें बनाने और उन्हें फैलाने में व्यस्त हैं.. उन्हें गहरी चोट लगी होगी.. लेकिन मैं खुश हूँ कि मैंने उन्हें व्यस्त रखा।”
अभिनेता के इस बयान से साफ है कि वह इन खबरों को दुर्भावना से प्रेरित और झूठी (Fake News) करार दे रहे हैं। उनके अनुसार, उनके खिलाफ किसी भी अदालत द्वारा इस तरह का कोई वारंट जारी नहीं किया गया है।
क्या कहता है भारतीय कानून? (एक से अधिक वोटर आईडी रखने पर नियम)
भले ही प्रकाश राज ने इस खबर का खंडन किया हो, लेकिन कानूनी नजरिए से यह जानना बेहद जरूरी है कि भारत में एक से अधिक पहचान पत्र रखना कितना गंभीर अपराध है।
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जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 (Representation of the People Act, 1950): इस कानून की धारा 17 स्पष्ट रूप से कहती है कि कोई भी व्यक्ति एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र (Constituency) में अपना नाम पंजीकृत नहीं करा सकता।
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धारा 18 के तहत, एक ही निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में भी किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक बार दर्ज नहीं होना चाहिए।
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सजा का प्रावधान: यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर अलग-अलग राज्यों या स्थानों से कई वोटर आईडी कार्ड बनवाता है या फर्जी घोषणा पत्र देता है, तो धारा 31 के तहत उसे एक वर्ष तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
करियर फ्रंट: ‘दृश्यम 3’ और आगामी फिल्में
कानूनी और राजनीतिक विवादों से इतर, प्रकाश राज भारतीय सिनेमा के सबसे व्यस्त अभिनेताओं में से एक हैं। वह जल्द ही बहुप्रतीक्षित सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म ‘दृश्यम 3’ (Drishyam 3) में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे। उनके फैंस को उम्मीद है कि वह जल्द ही इन विवादों से बाहर निकलकर अपनी बेहतरीन अदाकारी से एक बार फिर दर्शकों का दिल जीतेंगे।
Matribhumisamachar


