नई दिल्ली | मंगलवार, 24 मार्च 2026
मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण तनाव के बीच दुनिया ने राहत की सांस ली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य हमले को फिलहाल 5 दिनों के लिए टालने का बड़ा फैसला लिया है। ट्रंप के इस चौंकाने वाले कूटनीतिक रुख ने न केवल युद्ध की आहट को धीमा कर दिया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और शेयर बाजारों में नई जान फूंक दी है।
ट्रंप का यू-टर्न: “सकारात्मक बातचीत” का दावा
पिछले 48 घंटों से दुनिया इस डर में थी कि अमेरिका, ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला कर देगा। लेकिन सोमवार रात ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक संदेश जारी कर सबको हैरान कर दिया।
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5 दिनों का ब्रेक: ट्रंप ने अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और ऊर्जा केंद्रों पर होने वाली किसी भी कार्रवाई को 5 दिनों के लिए रोक दिया जाए।
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सीधी वार्ता के संकेत: राष्ट्रपति ने दावा किया कि पिछले दो दिनों में तेहरान के साथ “बेहद सकारात्मक और राहत देने वाली” बातचीत हुई है।
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शर्तिया शांति: ट्रंप ने साफ किया कि यह स्थगन आगे होने वाली वार्ताओं की प्रगति पर निर्भर करेगा। यदि बातचीत सफल रहती है, तो इसे एक बड़े युद्धविराम में बदला जा सकता है।
ग्लोबल मार्केट में ‘दिवाली’ जैसा माहौल
जैसे ही ट्रंप के इस फैसले की खबर आई, दुनिया भर के बाजारों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। निवेशक, जो कल तक सहमे हुए थे, अब जोखिम लेने को तैयार दिख रहे हैं:
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GIFT Nifty: 800 अंकों (करीब 4%) की भारी तेजी के साथ 23,533 के स्तर पर जा पहुंचा।
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Wall Street: डॉव जोन्स फ्यूचर्स में 926 अंकों (2.03%) की बढ़त दर्ज की गई।
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यूरोपीय बाजार: जर्मनी का DAX 1.96% चढ़ा, जबकि लंदन के FTSE में भी हरियाली दिखी।
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कच्चा तेल: संभावित युद्ध टलने से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का खतरा कम हुआ है, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों को बड़ी राहत मिली है।
भारतीय शेयर बाजार: मंगलवार को दिखेगा ‘मंगल’
भारतीय निवेशकों के लिए मंगलवार का दिन बेहद शानदार रहने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि गिफ्ट निफ्टी के संकेतों के आधार पर सेंसेक्स और निफ्टी एक ‘गैप-अप’ (Gap-up) शुरुआत करेंगे।
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इन सेक्टर्स पर रहेगी नजर: बैंकिंग, आईटी (IT) और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा खरीदारी की उम्मीद है।
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रिलायंस और ओएनजीसी: तेल की कीमतों में स्थिरता से इन दिग्गजों के शेयरों में हलचल बढ़ सकती है।
ईरान का रुख और ‘होर्मुज’ का संकट
ट्रंप के नरम रुख के बावजूद कूटनीतिक गलियारों में सस्पेंस बरकरार है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर “सीधी बातचीत” की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जानकारों का कहना है कि पर्दे के पीछे कतर और ओमान जैसे देश मध्यस्थता कर रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को लेकर है, जिसे ईरान ने बंद करने की धमकी दी थी। यदि अगले 5 दिनों में इस व्यापारिक मार्ग को लेकर सहमति बन जाती है, तो वैश्विक महंगाई में भी कमी आ सकती है।
निष्कर्ष: ट्रंप का यह दांव ‘प्रेशर टैक्टिक्स’ है या वास्तविक शांति की शुरुआत, यह आने वाले 120 घंटों में साफ हो जाएगा। फिलहाल, दुनिया के लिए यह राहत की बात है कि मिसाइलों की जगह अब मेज पर बातचीत शुरू हुई है।
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