शुक्रवार, जुलाई 31 2026 | 01:06:20 AM
Breaking News
Home / राज्य / उत्तरप्रदेश / पश्चिम बंगाल के बाद अब उत्तर प्रदेश के मदरसों में भी अनिवार्य हो सकता है ‘वंदे मातरम’, ओपी राजभर का बड़ा दावा

पश्चिम बंगाल के बाद अब उत्तर प्रदेश के मदरसों में भी अनिवार्य हो सकता है ‘वंदे मातरम’, ओपी राजभर का बड़ा दावा

Follow us on:

उत्तर प्रदेश के मदरसों में वंदे मातरम गान अनिवार्य किए जाने के संबंध में बोलते अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर की फाइल फोटो।

लखनऊ । रविवार, 24 मई 2026

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य के सभी मदरसा संस्थानों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। इस बात के साफ संकेत उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री और सुभासपा (SBSP) के मुखिया ओम प्रकाश राजभर ने एक हालिया मीडिया इंटरव्यू के दौरान दिए हैं। उनके इस बेबाक बयान के बाद राज्य के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है।

पश्चिम बंगाल के फैसले से मिली प्रेरणा

दरअसल, यह पूरा मामला पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ा हुआ है। पश्चिम बंगाल में सुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने हाल ही में एक बड़ा नीतिगत फैसला लेते हुए राज्य के सभी सरकारी सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त मदरसों की सुबह की प्रार्थना सभा (Morning Assembly) में ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य कर दिया है।

बंगाल के इसी फैसले की तर्ज पर जब यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:

“अल्पसंख्यक कल्याण विभाग हमारे पास है। हम भी उत्तर प्रदेश के मदरसों में इस प्रकार की व्यवस्था जल्द ही लागू करेंगे। हम ऐसी राष्ट्रवादी व्यवस्था क्यों नहीं करेंगे?”

विधानसभा चुनाव 2027 और राजनीतिक मायने

उत्तर प्रदेश में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी वर्ष के बेहद नजदीक होने के कारण राजनीतिक विश्लेषक राजभर के इस बयान को विशुद्ध रूप से चुनावी ध्रुवीकरण और अपने-अपने पारंपरिक वोट बैंक को साधने की कवायद के रूप में देख रहे हैं।

चूंकि ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) सत्ताधारी एनडीए (NDA) गठबंधन का एक अहम हिस्सा है, इसलिए उनके इस बयान को सरकार की आगामी योजनाओं की आधिकारिक झलक के तौर पर भी देखा जा रहा है। विपक्षी दल इसे लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष इसे राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने वाला कदम बता रहा है।

क्या हैं इसके व्यावहारिक और कानूनी पहलू?

उत्तर प्रदेश में इससे पहले भी मदरसा शिक्षा परिषद के तहत राष्ट्रगान (जन गण मन) को अनिवार्य किया जा चुका है। यदि वंदे मातरम को भी अनिवार्य करने का आधिकारिक आदेश जारी होता है, तो इसके निम्नलिखित प्रभाव देखने को मिल सकते हैं:

  1. समान शिक्षा नियमावली: सरकारी और निजी स्कूलों की तरह मदरसों में भी एक समान देशभक्ति और प्रार्थना संस्कृति को बढ़ावा देना।

  2. धार्मिक और राजनीतिक मतभेद: कुछ मुस्लिम संगठनों और उलेमाओं द्वारा इस पर वैधानिक या धार्मिक आपत्तियां उठाई जा सकती हैं, जैसा पूर्व में कुछ अन्य फैसलों के समय देखा गया है।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

बरेली राशन विवाद: पीएम पर अभद्र टिप्पणी और राशन न देने के आरोपी आदिल अंसारी को पुलिस ने भेजा जेल, दुकान सील

बरेली | शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 बरेली जिले के भुता थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केसरपुर …