नई दिल्ली. देश में पिछले एक महीने के भीतर हुए दो बड़े विमान हादसों ने निजी चार्टर्ड और एयर एंबुलेंस सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने सख्त रुख अपनाते हुए गैर-निर्धारित विमान संचालकों (NSOP) के लिए नए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
विमानन नियामक ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि भविष्य में कोई चूक होती है, तो इसके लिए न केवल पायलट, बल्कि कंपनी का शीर्ष प्रबंधन (Senior Management) भी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होगा।
1. जवाबदेही का नया ढांचा: मैनेजमेंट भी रडार पर
DGCA के महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि विमानन सुरक्षा अब केवल ‘कॉकपिट’ तक सीमित नहीं रहेगी।
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व्यक्तिगत जिम्मेदारी: यदि सुरक्षा ऑडिट में कोई गंभीर खामी पाई जाती है, तो संबंधित कंपनी के जवाबदेह प्रबंधक (Accountable Manager) को जवाब देना होगा।
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लाइसेंस पर खतरा: सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले पायलटों का लाइसेंस अब 5 साल तक के लिए निलंबित किया जा सकता है।
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ग्राउंडिंग की कार्रवाई: हाल ही में सुरक्षा ऑडिट में विफल रहने पर VSR वेंचर्स के चार विमानों को उड़ान भरने से रोक दिया गया है।
2. दो बड़े हादसों ने हिलाया विमानन क्षेत्र
हाल के दिनों में हुए इन दो घातक हादसों ने सरकार और नियामक को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया:
| हादसा | स्थान | विवरण | हताहत |
| एयर एंबुलेंस दुर्घटना | रांची-दिल्ली मार्ग | तकनीकी खराबी के कारण उड़ान के तुरंत बाद क्रैश | 07 मौतें |
| लियरजेट-45 क्रैश | बारामती, महाराष्ट्र | वीएसआर वेंचर्स का विमान, खराब मौसम और रखरखाव की कमी | 04 मौतें (अजित पवार सहित) |
3. यात्रियों के लिए ‘सुरक्षा रैंकिंग’ की शुरुआत
अब चार्टर्ड विमान में सफर करना सुरक्षित और पारदर्शी होगा। DGCA ने घोषणा की है कि:
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पब्लिक डेटा: सभी ऑपरेटरों को अपने विमानों की उम्र, मेंटेनेंस हिस्ट्री और स्वामित्व का विवरण सार्वजनिक करना होगा।
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सेफ्टी रेटिंग: होटलों की तरह अब विमान ऑपरेटरों की भी ‘सुरक्षा रैंकिंग’ तैयार की जाएगी, जिससे यात्री यह जान सकें कि वे किस स्तर की सुरक्षा वाली कंपनी के साथ उड़ान भर रहे हैं।
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विशेष निगरानी: पुराने विमानों और उन कंपनियों पर पैनी नजर रखी जा रही है जिनके मालिकाना हक में हाल ही में बदलाव हुआ है।
4. BAOA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय का रुख
बिजनेस एयरक्राफ्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन (BAOA) ने अपने सदस्यों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एसोसिएशन ने कहा है कि अनियंत्रित हवाईपट्टियों (Uncontrolled Airstrips) पर उतरते समय और खराब मौसम में क्रू ब्रीफिंग को और सख्त बनाया जाए।
वहीं, नागर विमानन मंत्रालय छोटे हवाईअड्डों के बुनियादी ढांचे और वहां उपलब्ध मौसम संबंधी जानकारियों की समीक्षा कर रहा है, ताकि छोटे विमानों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सके।
क्या बदलेगी निजी विमानों की तस्वीर?
DGCA की यह सख्ती दर्शाती है कि भारत अब विमानन सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों को कड़ाई से लागू करने के मूड में है। निजी विमान संचालकों के लिए अब ‘मुनाफे से पहले सुरक्षा’ (Safety First) का मंत्र अनिवार्य हो गया है।
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