मेरठ । सोमवार, 25 मई 2026
मेरठ के प्रसिद्ध लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज परिसर में हुए सनसनीखेज अंजलि शर्मा हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। काफी समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी सुफियान को पुलिस ने रविवार देर रात एक सटीक सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी को आज यानी सोमवार को ही न्यायालय में पेश कर आगे की कस्टडी मांगी जाएगी।
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मृतका के मोबाइल और व्हाट्सऐप चैट को मुख्य आधार बनाया है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा?
बीते दिनों मेडिकल कॉलेज परिसर के बाहर संदिग्ध परिस्थितियों में 25 वर्षीय नर्स अंजलि शर्मा का शव बरामद हुआ था। शुरुआत में इसे एक सामान्य मौत के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन जब पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। फुटेज में साफ दिख रहा था कि एक युवती ई-रिक्शा में शव को लादकर लाई और उसे मेडिकल कॉलेज के बाहर सड़क पर छोड़कर चुपचाप फरार हो गई।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ई-रिक्शा और युवती की पहचान की। शव को ठिकाने लगाने वाली युवती की पहचान साजिदा के रूप में हुई, जिसे पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था।
धर्म परिवर्तन और शादी का था दबाव
गिरफ्तार की गई साजिदा से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो इस मर्डर मिस्ट्री के पीछे की खौफनाक कहानी सामने आई। साजिदा का भाई सुफियान भी उसी मेडिकल कॉलेज में काम करता था, जहाँ अंजलि नर्स थी। अंजलि की शादी साल 2018 में सनी नाम के युवक से हुई थी और उसका एक 4 साल का बेटा भी है। पति से अनबन होने के कारण अंजलि पिछले कुछ समय से अपने भाई के घर जागृति विहार (सेक्टर-3) में रह रही थी और नौकरी कर रही थी।
इसी दौरान मेडिकल कॉलेज में काम करते हुए सुफियान ने अंजलि से दोस्ती बढ़ाई। साजिदा के कबूलनामे के अनुसार, सुफियान लगातार अंजलि पर धर्म परिवर्तन (धर्मांतरण) करने और उससे निकाह करने का दबाव बना रहा था, जिसे अंजलि स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थी।
वारदात वाले दिन क्या हुआ था?
साजिदा ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि घटना वाले दिन अंजलि, सुफियान से मिलने जयभीम नगर पहुंची थी। वहाँ दोनों के बीच इसी बात को लेकर तीखी बहस और झगड़ा शुरू हो गया। बहस इतनी बढ़ गई कि सुफियान ने गुस्से में आकर अंजलि का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
जब साजिदा कमरे पर पहुंची, तो अंजलि मृत पड़ी थी और सुफियान वहाँ से भाग चुका था। बदनामी और पुलिस के डर से घबराकर साजिदा ने अकेले ही शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उसने एक ई-रिक्शा किराए पर लिया और भाई के पाप को छुपाने के लिए अंजलि की लाश को मेडिकल कॉलेज के बाहर फेंक दिया।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने मीडिया को बताया कि अंजलि के मोबाइल और सुफियान के बीच हुई व्हाट्सऐप चैट से पुलिस को कई अहम सबूत मिले हैं, जो यह साबित करते हैं कि अंजलि पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। हत्यारे को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं, जिसके बाद रविवार देर रात सुफियान को दबोच लिया गया। पुलिस अब अदालत से सुफियान की रिमांड मांगकर वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्यों को जुटाने की कोशिश करेगी।
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