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मैनाठेर हिंसा कांड: पूर्व DGP बृजलाल का बड़ा खुलासा, ‘अखिलेश सरकार ने दंगाइयों को दिया था संरक्षण’

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मुरादाबाद | गुरुवार, 26 मार्च 2026

मुरादाबाद के मैनाठेर (डींगरपुर) में 6 जुलाई 2011 को एक अफवाह के बाद भीषण हिंसा भड़क उठी थी। भीड़ ने पुलिस चौकी और पीएसी के वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। इस दौरान भीड़ ने तत्कालीन DIG अशोक कुमार सिंह पर जानलेवा हमला किया था, जिससे वे मरणासन्न अवस्था में पहुंच गए थे।

पूर्व DGP बृजलाल के तीखे वार

राज्यसभा सदस्य और पूर्व स्पेशल DGP बृजलाल ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में इस घटना को लेकर गंभीर दावे किए हैं:

  1. साजिश का आरोप: बृजलाल के अनुसार, यह कोई स्वतः स्फूर्त विरोध नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी द्वारा रची गई एक गहरी साजिश थी।

  2. प्रशासन की कायरता: उन्होंने आरोप लगाया कि जब DIG भीड़ में घिरे थे, तब तत्कालीन DM राजशेखर और उनके हमराह (सुरक्षाकर्मी) उन्हें मौके पर अकेला छोड़कर भाग गए थे।

  3. सपा सरकार का संरक्षण: बृजलाल ने दावा किया कि 2012 में सत्ता में आते ही अखिलेश सरकार ने दंगाइयों के खिलाफ दर्ज 6 मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट (FR) लगवाकर उन्हें खत्म करने की कोशिश की। हालांकि, कोर्ट ने DIG पर हुए जानलेवा हमले का केस वापस लेने से मना कर दिया।

  4. दोषियों को मलाईदार पोस्टिंग: उन्होंने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों को कायरता के लिए बर्खास्त किया गया था, उन्हें सपा शासन में बहाल कर नोएडा और गाजियाबाद जैसे जिलों में तैनात किया गया।

न्यायिक अपडेट: 15 साल बाद मिला इंसाफ

हालिया कानूनी घटनाक्रम में, मुरादाबाद की अदालत ने इस मामले में 16 अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने माना कि भीड़ ने पुलिस पर जानलेवा हमला किया था और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। यह फैसला उन दावों की पुष्टि करता है कि घटना के दौरान कानून व्यवस्था को जानबूझकर चुनौती दी गई थी।

“मैनाठेर डायरी”: आने वाली है सनसनीखेज किताब

बृजलाल की 11वीं पुस्तक “जीवन की चुनौतियां” अगले महीने रिलीज होने वाली है। इसमें “मैनाठेर डायरी” शीर्षक वाले अध्याय में वे उन खुफिया जानकारियों और दस्तावेजी साक्ष्यों को साझा करेंगे, जो अब तक फाइलों में दबे हुए थे।

मुख्य बिंदु:

  • 6 जुलाई 2011 को मुरादाबाद के मैनाठेर में हुआ बवाल पूर्व नियोजित था।

  • पूर्व DGP बृजलाल ने तत्कालीन सपा सरकार पर मुकदमों में FR लगाने और दोषी पुलिसकर्मियों को ‘नवाजने’ का आरोप लगाया।

  • अदालत ने हाल ही में इस मामले में 16 दंगाइयों को दोषी करार दिया है।

  • आगामी पुस्तक ‘जीवन की चुनौतियां’ के ‘मैनाठेर डायरी’ अध्याय में खुलेंगे कई अनसुने राज।

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