बदायूं । बुधवार, 26 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र स्थित राजा की सीकरी गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर पैदा हुआ विवाद गंभीर रूप ले चुका है। 26 अगस्त 2026 को बिना अनुमति ग्राम समाज (खलिहान) की जमीन पर प्रतिमा स्थापित करने के प्रयास के बाद ग्रामीणों और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के बीच झड़प हो गई। स्थिति उग्र होने पर प्रदर्शनकारियों की ओर से किए गए पथराव में 7 पुलिसकर्मियों समेत 8 से अधिक लोग घायल हो गए, जबकि अधिकारियों व एंबुलेंस सहित कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
घटनाक्रम: आखिर क्यों शुरू हुआ विवाद?
25 अगस्त की देर रात और 26 अगस्त की सुबह राजा की सीकरी गांव में खलिहान की जमीन पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास किया गया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस व राजस्व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।
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प्रशासन का पक्ष: एसडीएम बिसौली प्रियंका गोयल और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बिना अनुमति सरकारी भूमि पर प्रतिमा लगाना गैरकानूनी है। प्रशासन ने लगभग 12 से 14 घंटे तक ग्रामीणों से बातचीत की और पास ही दूसरी निजी या चिन्हित भूमि पर अनुमति लेकर प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव दिया।
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ग्रामीणों के आरोप: वहीं, कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गश्त पर आए दो पुलिसकर्मियों ने प्रतिमा को लात मारकर गिराया और उसे नुकसान पहुंचाया। इस बात को लेकर ग्रामीण और भीम आर्मी से जुड़े लोग आक्रोशित हो गए। हालांकि, बदायूं पुलिस व एसएसपी अंकिता शर्मा ने मूर्ति तोड़े जाने की खबर को निराधार बताया है।
पथराव, लाठीचार्ज और गाड़ियों में तोड़फोड़
26 अगस्त की शाम तक शांति वार्ता के प्रयास जारी थे। इसी बीच कुछ असामाजिक तत्वों और भीड़ ने महिलाओं-बच्चों की आड़ लेकर अचानक पुलिस और प्रशासनिक टीम पर भारी पथराव शुरू कर दिया।
पथराव में एसडीएम बिसौली की गाड़ी, पुलिस की जीप, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस समेत 10 से 12 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पथराव में 7 पुलिसकर्मियों और एक अधिवक्ता सहित 8 से अधिक लोग घायल हो गए। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा, जिसके बाद भीड़ को खदेड़ दिया गया।
प्रशासनिक कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
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प्रतिमा की सुरक्षा: जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय ने बताया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को सम्मानजनक और सुरक्षित तरीके से तहसील परिसर/सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है।
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एफआईआर और गिरफ्तारियां: पुलिस ने उपद्रव, बलवा, जानलेवा हमला और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में 32 नामजद समेत दर्जनों अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। पूछताछ के लिए 8 से 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
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भारी बल तैनात: गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 7 थानों की पुलिस (बिल्सी, बिसौली, फैजगंज बेहटा आदि) और पीएसी (PAC) की प्लाटून को तैनात किया गया है।
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अपील: वरिष्ठ अधिकारियों (DM और SSP) ने मौके पर पहुंचकर लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. बदायूं में आंबेडकर प्रतिमा को लेकर क्या विवाद हुआ?
उत्तर: फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के राजा की सीकरी गांव में ग्राम समाज (खलिहान) की भूमि पर बिना प्रशासनिक अनुमति के डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की जा रही थी। इसी को रोकने पहुंचे प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तनाव के बाद पथराव की घटना हुई।
Q2. इस घटना में कितने लोग घायल हुए हैं?
उत्तर: पुलिस प्रशासन के मुताबिक, पथराव में 7 पुलिसकर्मी और 1 अधिवक्ता/ग्रामीण समेत 8 लोग घायल हुए हैं।
Q3. क्या डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हुई है?
उत्तर: ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस ने प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया, लेकिन पुलिस प्रशासन और एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित है और उसे तहसील परिसर में रखवा दिया गया है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध प्राथमिक रिपोर्टों और आधिकारिक प्रशासनिक बयानों पर आधारित है। मामले में पुलिस द्वारा जांच जारी है और आगे की विधिक कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
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