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भारत की ऊर्जा सुरक्षा: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच समुद्र से पहुंची बड़ी राहत, कई तेल और गैस जहाजों ने भारतीय तटों पर दी दस्तक

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नई दिल्ली | शुक्रवार, 27 मार्च 2026

पश्चिमी एशिया (West Asia) में जारी भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के बावजूद, भारत की ऊर्जा सुरक्षा अभेद्य बनी हुई है। आज, 27 मार्च 2026 को देश के विभिन्न प्रमुख बंदरगाहों पर कच्चे तेल और रसोई गैस (LPG) के कई बड़े जहाजों का आगमन हुआ है, जो घरेलू बाजार में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।

आज के प्रमुख आगमन और जहाजों की स्थिति

पेट्रोलियम मंत्रालय और पोर्ट अथॉरिटी के आंकड़ों के अनुसार, आज की मुख्य हलचल निम्नलिखित रही:

  • LPG की बड़ी खेप: वियतनामी झंडे वाला विशाल टैंकर ‘Apollo Ocean’ कल न्यू मंगलौर पोर्ट पहुंचा था, जिसने आज अपनी 17,600 मीट्रिक टन गैस को अनलोड करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके साथ ही सउदी अरब से आ रहा एक और अघोषित जहाज ‘Al Ain’ आज 23,000 टन LPG के साथ पहुंचने की उम्मीद है।

  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित वापसी: भारतीय नाविकों और नौसेना की निगरानी में ‘Jag Vasant’ (47,600 मीट्रिक टन LPG) और ‘Pine Gas’ जैसे जहाजों ने सफलतापूर्वक खतरनाक समुद्री रास्तों को पार कर लिया है और वे भारतीय तटों के बेहद करीब हैं।

  • कच्चा तेल (Crude Oil): रूसी कच्चे तेल से लदा जहाज ‘MT Aqua Titan’ मंगलुरु तट पर अपनी पोजीशन बनाए हुए है। इसके अलावा, वेस्ट अफ्रीका और सऊदी अरब से लगभग 2.62 लाख टन कच्चा तेल अगले 48 घंटों में पहुंचने वाला है।

  • मुंद्रा और कांडला पोर्ट: गुजरात के इन बंदरगाहों पर ‘Jag Laadki’ और ‘MT Nanda Devi’ जैसे जहाजों ने पहले ही अपनी डिलीवरी शुरू कर दी है, जिससे रिफाइनरियों को कच्चा माल मिल रहा है।

सरकार का बड़ा दावा: “60 दिनों का तेल और 30 दिनों की गैस सुरक्षित”

केंद्र सरकार ने कल देर रात जारी एक आधिकारिक बयान (PIB) में देशवासियों को आश्वस्त किया है कि घबराने या ‘पैनिक बाइंग’ की कोई जरूरत नहीं है।

  • बफर स्टॉक: भारत के पास वर्तमान में 60 दिनों का कच्चा तेल और 30 दिनों की LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

  • बढ़ता घरेलू उत्पादन: रिफाइनरियों में LPG का उत्पादन 40% तक बढ़ा दिया गया है, जिससे अब हम अपनी जरूरत का 60% हिस्सा खुद बना रहे हैं।

  • शुल्क में छूट: न्यू मंगलौर पोर्ट अथॉरिटी (NMPA) ने तेल और गैस जहाजों को आकर्षित करने के लिए 31 मार्च 2026 तक कार्गो शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया है।

रूस और अमेरिका से बढ़ता आयात

मिडिल ईस्ट पर निर्भरता कम करने के लिए भारत ने अपनी रणनीति बदली है। अप्रैल 2026 के लिए रूस से रिकॉर्ड 60 मिलियन बैरल तेल का सौदा पक्का किया गया है। वहीं, अमेरिका, अर्जेंटीना और ऑस्ट्रेलिया से भी गैस के जहाज लगातार भारत की ओर बढ़ रहे हैं।

विशेष नोट: पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर चल रही तेल की कमी की खबरों को “भ्रामक और शरारतपूर्ण” बताया है। देश के सभी 1 लाख से अधिक पेट्रोल पंपों पर सामान्य रूप से सप्लाई जारी है।

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