लखनऊ | मंगलवार, 28 अप्रैल 2026
राम नगरी अयोध्या की धार्मिक मर्यादा और पवित्रता को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। मंगलवार को प्रशासन की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में संचालित हो रही अवैध मीट दुकानों के खिलाफ एक सघन अभियान छेड़ा। इस औचक छापेमारी से न केवल अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाली आधा दर्जन से अधिक दुकानों को मौके पर ही बंद करा दिया गया।
राम पथ से धर्मपथ तक प्रशासनिक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
नगर निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार सुबह पंचकोशी परिक्रमा मार्ग, राम पथ और धर्मपथ जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अपनी जांच शुरू की। प्रशासन को सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित क्षेत्रों और मुख्य मार्गों पर चोरी-छिपे मांस की बिक्री की जा रही है।
कार्रवाई की भनक लगते ही सहादतगंज और मकबरा जैसे इलाकों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई दुकानदार अपनी दुकानों के शटर गिराकर मौके से फरार हो गए। हालांकि, टीम ने घेराबंदी कर सघन चेकिंग की और दोषी पाए गए संचालकों पर कानूनी चाबुक चलाया।
जांच में सामने आईं ये गंभीर खामियां
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल लाइसेंस चेक करना नहीं, बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य मानकों की जांच करना भी था। जांच के दौरान निम्नलिखित बड़ी कमियां पाई गईं:
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बिना लाइसेंस संचालन: सहादतगंज और मकबरा क्षेत्र में कई दुकानें बिना किसी वैध सरकारी अनुमति के चल रही थीं।
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गुणवत्ता और स्वच्छता का अभाव: मांस की गुणवत्ता मानकों के नीचे थी और दुकानों में गंदगी का अंबार लगा मिला।
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नियमों की अनदेखी: पंचकोशी मार्ग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी मांस का प्रदर्शन किया जा रहा था, जो धार्मिक भावनाओं के प्रतिकूल है।
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15 किलोमीटर का ‘नो नॉन-वेज’ जोन: क्या हैं नियम?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अयोध्या प्रशासन ने पहले ही राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के मांसाहारी भोजन की बिक्री और आपूर्ति पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है।
| प्रतिबंध का क्षेत्र | नियम |
| राम मंदिर से 15 KM की परिधि | मांस की बिक्री, भंडारण और प्रदर्शन पर रोक। |
| होम डिलीवरी | स्विगी/ज़ोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी नॉन-वेज डिलीवरी प्रतिबंधित। |
| पंचकोशी परिक्रमा मार्ग | इस मार्ग पर किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन की बिक्री वर्जित। |
भविष्य में और बढ़ेगी सख्ती
अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह अभियान महज एक सांकेतिक कार्रवाई नहीं है। आने वाले दिनों में अवैध मीट शॉप्स के साथ-साथ बिना मानकों के चल रहे पोल्ट्री फार्म्स पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
अयोध्या की पहचान अब एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में हो रही है, ऐसे में प्रशासन “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपना रहा है ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और शहर की स्वच्छता से कोई समझौता न हो।
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