सोमवार, अप्रैल 13 2026 | 12:57:09 AM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / महाशिवरात्रि 2026: 15 या 16 फरवरी, कब रखें व्रत? जानें सही तिथि, निशीथ काल मुहूर्त और विशेष संयोग

महाशिवरात्रि 2026: 15 या 16 फरवरी, कब रखें व्रत? जानें सही तिथि, निशीथ काल मुहूर्त और विशेष संयोग

Follow us on:

Mahashivratri 2026 Shubh Muhurat Hindi

महाशिवरात्रि 2026 हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन और आध्यात्मिक पर्व है, जो भगवान शिव की आराधना को समर्पित है। वैदिक पंचांग के अनुसार, यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि पर तिथि, निशीथ काल पूजा और विशेष योगों का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

📅 महाशिवरात्रि 2026 की तिथि और व्रत का दिन

वैदिक पंचांग के अनुसार:

  • चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 फरवरी 2026, शाम 05:04 बजे
  • चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 फरवरी 2026, शाम 05:34 बजे

चूंकि भगवान शिव की पूजा में निशीथ काल (मध्यरात्रि) का विशेष महत्व होता है, इसलिए शास्त्रों के अनुसार 15 फरवरी 2026 को व्रत रखना और रात्रि में शिव पूजन करना अधिक श्रेष्ठ और फलदायी माना गया है।

⏰ महाशिवरात्रि 2026 के शुभ मुहूर्त

महाशिवरात्रि के दिन शिव आराधना के लिए निम्नलिखित मुहूर्त अत्यंत शुभ माने गए हैं:

  • निशीथ काल पूजा मुहूर्त:
    रात 12:09 बजे से 01:01 बजे तक (16 फरवरी की रात)
  • व्रत पारण का समय:
    16 फरवरी 2026 को सुबह 06:59 बजे से दोपहर 03:24 बजे के बीच

👉 मान्यता है कि निशीथ काल में शिवलिंग का अभिषेक और मंत्र जाप करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

✨ महाशिवरात्रि 2026 का विशेष योग

इस वर्ष महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है।
यह योग:

  • आध्यात्मिक साधना
  • मंत्र जाप
  • ध्यान
  • रुद्राभिषेक

के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। इस योग में की गई शिव उपासना से मनोकामनाओं की सिद्धि और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन होने की मान्यता है।

🔱 महाशिवरात्रि पूजा विधि (संक्षेप में)

महाशिवरात्रि पर पूजा की सरल और शास्त्रसम्मत विधि इस प्रकार है:

  1. प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
  2. शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद से अभिषेक करें।
  3. बेलपत्र, भस्म, धतूरा और आक अर्पित करें।
  4. ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
  5. रात्रि में जागरण कर निशीथ काल में विशेष पूजन करें।

🌙 महाशिवरात्रि व्रत का महत्व

महाशिवरात्रि का व्रत रखने से:

  • मानसिक शांति की प्राप्ति होती है
  • रोग, दोष और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है
  • वैवाहिक जीवन और करियर में बाधाएं दूर होती हैं
  • मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है

❓ महाशिवरात्रि 2026 से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न: महाशिवरात्रि 2026 का व्रत किस दिन रखा जाएगा?
उत्तर: शास्त्रों के अनुसार 15 फरवरी 2026 को व्रत और रात्रि पूजा श्रेष्ठ मानी गई है।

प्रश्न: शिव पूजा का सबसे शुभ समय कौन-सा है?
उत्तर: निशीथ काल (मध्यरात्रि) शिव आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है।

महाशिवरात्रि 2026 आध्यात्मिक उन्नति और शिव कृपा प्राप्त करने का एक अत्यंत शुभ अवसर है। इस वर्ष निशीथ काल पूजा, सर्वार्थ सिद्धि योग और अनुकूल तिथियों का संयोग इस पर्व को और भी विशेष बनाता है। श्रद्धा, भक्ति और विधि-विधान से की गई शिव आराधना जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आती है।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

भारतीय संविधान की धारा 25 - धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: “ईसाई धर्म ही एकमात्र सच्चा धर्म” कहने के आरोपी पादरी को मिली राहत, ट्रायल पर रोक

नई दिल्ली | शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण कानूनी …