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मेरठ: सफेदपोश परिवार का काला कारोबार, जिला पंचायत सदस्य का बेटा अब्दुल जब्बार अवैध पिस्टल फैक्ट्री चलाते गिरफ्तार

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मेरठ | मंगलवार, 12 मई 2026  

मेरठ में अपराध और राजनीति का एक खतरनाक गठजोड़ सामने आया है। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र की जाकिर कॉलोनी में एक किराये के मकान के भीतर चल रही अवैध पिस्टल फैक्ट्री का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गैंग का सरगना एक रसूखदार राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखता है।

छापेमारी और गिरफ्तारी

एसपी सिटी विनायक भाेसले ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि स्वाट टीम और लिसाड़ी गेट पुलिस को सूचना मिली थी कि जाकिर कॉलोनी निवासी फरमान के मकान में बड़े पैमाने पर अवैध हथियार बनाए जा रहे हैं। संयुक्त टीम ने जब छापेमारी की, तो मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने घेराबंदी कर पांच आरोपियों को दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की सूची:

  1. मोईन: (मुख्य आरोपी) पुत्र अब्दुल जब्बार (पूर्व प्रधान), जिसकी मां मुन्नी वर्तमान में वार्ड 30 से जिला पंचायत सदस्य हैं।

  2. शादाब: निवासी ईरा गार्डन।

  3. अमजद उर्फ बोबी: निवासी विकासपुरी।

  4. दिलशाद: निवासी जाकिर कॉलोनी।

  5. हसीन उर्फ भूरा: निवासी शास्त्रीनगर।

रसूख की आड़ में मौत का सौदा

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी मोईन का परिवार स्थानीय राजनीति में काफी मजबूत पकड़ रखता है। उसके पिता दो बार प्रधान रहे हैं, भाभी वर्तमान ग्राम प्रधान हैं और मां जिला पंचायत सदस्य हैं। आरोपी मोईन पहले भी कई बार जेल जा चुका है, लेकिन राजनीतिक संरक्षण और रसूख के कारण वह बार-बार इस धंधे में वापस लौट आता था।

35 हजार की पिस्टल, 55 हजार में सप्लाई

गैंग के काम करने का तरीका बेहद संगठित था। अमजद उर्फ बोबी ने खुलासा किया कि वे लोग फैक्ट्री में पिस्टल तैयार करते थे और उसे ₹30,000 से ₹35,000 में ‘कामिल’ और ‘मुकुल’ नामक सप्लायरों को बेच देते थे। इसके बाद ये सप्लायर ग्राहकों को तलाशते थे और एक पिस्टल की कीमत ₹50,000 से ₹55,000 तक वसूलते थे।

बरामदगी का विवरण

पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अर्धनिर्मित हथियार और आधुनिक मशीनें बरामद की हैं:

  • 1 तैयार पिस्टल और 1 तमंचा।

  • 11 अर्धनिर्मित मैगजीन और 6 पिस्टल स्लाइड।

  • हथियार बनाने के उपकरण: ड्रिल मशीन, रेती, आरी, कैंची और विभिन्न पुर्जे।

पुलिस की अगली कार्रवाई

पुलिस अब फरार चल रहे बिचौलियों, कामिल और मुकुल की तलाश में दबिश दे रही है। एसपी सिटी ने साफ किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका राजनीतिक रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो। सभी पांचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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