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लोनी में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई

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गाजियाबाद । सोमवार, 1 जून 2026

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र से महिला सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। पुलिस ने एक 13 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ पिछले चार महीनों से डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।

कार्यवाहक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) लोनी, सिद्धार्थ गौतम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह लोनी बॉर्डर थाना पुलिस की एक टीम सेवाधाम से टीला मोड़ की तरफ जाने वाले मार्ग पर रूटीन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध स्कूटी सवार को आते देखा गया। जब पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, तो आरोपी ने खुद को घिरा देख पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने का प्रयास किया।

पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बरामदगी और कानूनी धाराएं

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:

  1. एक अवैध तमंचा (देशी कट्टा)

  2. जिंदा कारतूस एवं खोखा कारतूस

  3. घटना में इस्तेमाल की गई स्कूटी

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act – यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) के तहत सख्त मुकदमा दर्ज किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य 

इस संवेदनशील मामले को मीडिया में रिपोर्ट करते समय कुछ कानूनी और तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, जिन्हें अक्सर शुरुआती खबरों में नजरअंदाज कर दिया जाता है:

  1. पीड़िता की पहचान की गोपनीयता: पॉक्सो एक्ट की धारा 23 और सुप्रीम कोर्ट के कड़े दिशा-निर्देशों के तहत, किसी भी स्थिति में पीड़िता का नाम, उसके परिवार का नाम, सटीक पता या ऐसी कोई भी जानकारी उजागर नहीं की जा सकती जिससे उसकी पहचान हो सके। पड़ोस का जिक्र करते समय भी गोपनीयता का पूरा ध्यान रखना अनिवार्य है।

  2. चिकित्सीय और कानूनी सहायता: तीन महीने का गर्भ ठहरने की स्थिति में, मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट के तहत पीड़िता की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए कानूनी और चिकित्सीय बोर्ड की देखरेख में आगे का फैसला लिया जाता है।

  3. मुठभेड़ की प्रक्रिया: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह कार्रवाई आत्मरक्षा (Self-Defense) में की गई जवाबी फायरिंग थी, जिसे कानूनन ‘कंट्रोल्ड एनकाउंटर’ के रूप में दर्ज किया जाता है।

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