रुद्रप्रयाग। शुक्रवार, 5 जून 2026
केदारनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी (DM) विशाल मिश्रा ने एक बड़ा फैसला लेते हुए भीमबली से गरुड़चट्टी होते हुए केदारनाथ धाम को जोड़ने वाले निर्माणाधीन पुराने पैदल मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है।
प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता, इसलिए जब तक इस मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हो जाते, तब तक इस रूट का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा।
क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?
दरअसल, जून 2013 की भीषण केदारनाथ आपदा में यह ऐतिहासिक पुराना पैदल मार्ग भीमबली से केदारनाथ तक पूरी तरह ध्वस्त हो गया था। इसके बाद साल 2018 में केदारनाथ से गरुड़चट्टी तक के 3 किलोमीटर हिस्से का पुनर्निर्माण तो कर लिया गया था, लेकिन भीमबली से गरुड़चट्टी के बीच का शेष 5 किलोमीटर का हिस्सा अभी भी निर्माणाधीन है।
वर्तमान में इस 5 किमी के पहाड़ी हिस्से पर लगातार निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण यहाँ:
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भूस्खलन का खतरा: पहाड़ियों से लगातार पत्थर गिरने (Rockfalling) और भूस्खलन (Landslide) की घटनाएं हो रही हैं।
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बुनियादी सुविधाओं का अभाव: इस निर्माणाधीन मार्ग पर न तो सुरक्षा रेलिंग लगी है और न ही यात्रियों के लिए बिजली, पानी या शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
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अनहोनी की आशंका: अनुमति न होने के बावजूद कई यात्री शॉर्टकट या रोमांच के चक्कर में इस खतरनाक रास्ते से आवाजाही कर रहे थे, जिससे बड़ी दुर्घटना का खतरा बना हुआ था।
स्थानीय हितधारकों ने भी जताई थी चिंता
इस मार्ग पर यात्रियों की अवैध आवाजाही को लेकर केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापारी, टेंट संचालक और केदारनाथ यात्रा से जुड़े अन्य हितधारक (Stakeholders) भी काफी समय से चिंतित थे। उन्होंने लगातार प्रशासन से मांग की थी कि किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए इस मार्ग को तुरंत पूरी तरह बंद किया जाए।
प्रशासन की तैयारी: बैरिकेडिंग और कड़ा पहरा
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस प्रतिबंधित मार्ग के प्रवेश द्वारों पर तुरंत मजबूत बैरिकेडिंग की जाए और बड़े चेतावनी संकेतक (Signboards) लगाए जाएं। इसके साथ ही पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग (DDMA) को आपसी समन्वय बनाकर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है ताकि कोई भी यात्री छिपकर इस रास्ते पर न जा सके।
प्रशासन ने देश-विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से भावुक अपील की है कि वे केवल अधिकृत और पूरी तरह सुरक्षित मुख्य पैदल मार्ग (गौरीकुंड-केदारनाथ मार्ग) का ही उपयोग करें और यात्रा के दौरान केवल सरकारी गाइडलाइंस का पालन करें।
महत्वपूर्ण तथ्य
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भ्रम निवारण: कुछ सोशल मीडिया रिपोर्ट्स में यह भ्रम फैल रहा था कि मुख्य केदारनाथ पैदल मार्ग (गौरीकुंड वाला रूट) बंद है। यह पूरी तरह गलत है। केवल भीमबली-गरुड़चट्टी-केदारनाथ (पुराना वैकल्पिक मार्ग) बंद किया गया है। मुख्य यात्रा सुचारू रूप से चल रही है।
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ताजा स्थिति: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा वर्तमान में अपने चरम पर है और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है।
Matribhumisamachar


