लखीसराय । शुक्रवार, 12 जून 2026
बिहार के लखीसराय जिले में एक चौंकाने वाला ‘लव ट्रैप’ (Love Trap) मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शिक्षा विभाग के एक क्लर्क कमाल अशरफ पर पहचान छिपाकर एक युवती के जीवन को नर्क बनाने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अब 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने कमाल अशरफ के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने वर्ष 2012 में खुद को तमिलनाडु के ऊटी का निवासी ‘सुमीत’ बताकर उसके साथ प्रेम संबंध स्थापित किए। तब पीड़िता नाबालिग थी। लंबे समय तक आरोपी अपनी असली पहचान छिपाए रखा और जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तो उसकी सच्चाई सामने आई।
गंभीर आरोप और प्रताड़ना
पीड़िता ने अपनी शिकायत में कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं:
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पहचान का जाल: आरोपी ने वर्षों तक एक हिंदू नाम ‘सुमीत’ का उपयोग कर विश्वास जीता।
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धर्मांतरण का दबाव: शादी की मांग करने पर पीड़िता पर धर्म परिवर्तन करने, नमाज पढ़ने और गोमांस खाने के लिए मजबूर करने का आरोप है।
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यौन और आर्थिक शोषण: पीड़िता के साथ यौन शोषण करने के अलावा, उसने पीड़िता के नाम पर गाड़ियां फाइनेंस करवाकर उनका दुरुपयोग भी किया।
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मानसिक प्रताड़ना: विरोध करने पर पीड़िता को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी
लखीसराय पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने बताया कि आरोपी कमाल अशरफ की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। कोर्ट के आदेश के बाद उसके घर की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी की गई, लेकिन वह अब तक फरार है। हाल ही में पुलिस ने जमुई के मलयपुर से पीड़िता के नाम पर फाइनेंस की गई एक स्कॉर्पियो बरामद की है और आरोपी के एक रिश्तेदार को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को भी आरोपी के बारे में कोई जानकारी मिले, तो वे तुरंत लखीसराय पुलिस से संपर्क करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
Matribhumisamachar


