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उत्तराखंड में UCC का असर: वक्फ बोर्ड तैयार कर रहा नया निकाहनामा, बहुविवाह और हलाला पर लगेगी रोक

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देहरादून । गुरुवार, 3 सितंबर 2026
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू होने के बाद अब इसके व्यावहारिक अमल की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड नए नियमों और प्रावधानों के अनुरूप एक नया निकाहनामा तैयार कर रहा है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स के अनुसार, इस नए प्रस्तावित निकाहनामे में UCC की कानूनी शर्तों को शामिल किया जा रहा है और इसे कानून के विशेषज्ञों की देखरेख में अंतिम रूप दिया जाएगा।

प्रस्तावित निकाहनामे में क्या-क्या बदलाव होंगे?

वक्फ बोर्ड द्वारा तैयार किए जा रहे ड्राफ्ट में मुस्लिम समुदाय में विवाह और पारिवारिक कानूनों से जुड़ी परंपराओं को कानूनी ढांचे के अनुकूल बनाने की पहल की जा रही है:
  • केवल एकविवाह (Monogamy) का प्रावधान: नए निकाहनामे में दूसरी, तीसरी या चौथी शादी के लिए कोई विकल्प नहीं रहेगा। यह पूरी तरह से एक विवाह व्यवस्था पर आधारित होगा।
  • कुप्रथाओं पर प्रतिबंध: ‘हलाला’ जैसी कुप्रथाओं को रोकने के लिए सख्त प्रावधान शामिल किए जाएंगे।
  • कानूनी विशेषज्ञों से राय: UCC का प्रारूप तैयार करने वाली विशेषज्ञ समिति की देखरेख में ही निकाहनामे की शर्तों को तय किया जा रहा है।
  • सार्वजनिक ड्राफ्ट: अंतिम ड्राफ्ट तैयार होने के बाद इसे जनता और धार्मिक प्रमुखों के अवलोकन के लिए जारी किया जाएगा।

UCC लागू होने से विवाह और उत्तराधिकार में आए बड़े बदलाव

उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता लागू की है। इसके तहत राज्य के सभी नागरिकों के लिए चाहे वे किसी भी धर्म के हों, कुछ बुनियादी नियम एक समान हो गए हैं:
  1. अनिवार्य विवाह पंजीकरण: शादी के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
  2. तलाक और भरण-पोषण: एकतरफा या व्यक्तिगत तरीके से दिए जाने वाले तलाक खत्म कर दिए गए हैं। महिलाओं के लिए न्यायसंगत भरण-पोषण (Maintenance) का अधिकार सुनिश्चित किया गया है।
  3. समान उत्तराधिकार: पैतृक संपत्ति में बेटे और बेटी को बराबर का हक दिया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: क्या उत्तराखंड में अब दूसरी शादी करना पूरी तरह से गैर-कानूनी है?
उत्तर: हां, उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद बहुविवाह कानूनन अपराध है। नया निकाहनामा भी केवल एकविवाह की व्यवस्था का ही समर्थन करता है।
प्रश्न 2: क्या यह नया निकाहनामा तुरंत लागू हो गया है?
उत्तर: नहीं, वक्फ बोर्ड का यह नया निकाहनामा अभी केवल ड्राफ्टिंग/तैयारी के चरण में है। विशेषज्ञों की सहमति और अंतिम रूप मिलने के बाद ही इसे आधिकारिक रूप से लागू माना जाएगा।
प्रश्न 3: UCC लागू होने के बाद विवाह का रजिस्ट्रेशन कहां कराना होता है?
उत्तर: उत्तराखंड सरकार द्वारा बनाए गए विशेष ऑनलाइन पोर्टल (UCC Portal) या स्थानीय सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के माध्यम से तय समय-सीमा में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह लेख उत्तराखंड वक्फ बोर्ड द्वारा दिए गए बयानों और प्रस्तावित ड्राफ्ट पर आधारित एक समाचार विश्लेषण है। नया निकाहनामा अभी तैयारी/प्रस्तावित चरण में है। अंतिम कानूनी नियमों के लिए हमेशा राज्य सरकार या संबंधित वैधानिक संस्थाओं द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना का ही संदर्भ लें।
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