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भाजपा विधायक टी राजा सिंह पर कर्नाटक ने लगाया 3 माह का प्रतिबंध

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

बेंगलुरु. तेलंगाना के विधायक टी राजा सिंह एक बार फिर से चर्चा में हैं. उनकी कर्नाटक के एक जिले में एंट्री करने पर तीन महीने के लिए बैन लगा दिया गया है. वो बागलकोट जिले के मुधोल शहर में गणेश विसर्जन कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले थे. लेकिन इससे पहले ही अधिकारियों ने कानून व्यवस्था में संभावित गड़बड़ी का हवाला देते हुए उन पर प्रतिबंध लगा दिया. बागलकोट जिलाधिकारी ने यह आदेश दिया है. जिसके बाद पुलिस ने उनके आवास पर जाकर उन्हें नोटिस दिया है. इसके बाद बीजेपी विधायक ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कर्नाटक सरकार को हिंदू विरोधी सरकार कहा है.

गणेश विसर्जन कार्यक्रम में लेना था हिस्सा

जानकारी के अनुसार, तेलंगाना के विधायक टी राजा सिंह को कर्नाटक के बागलकोट जिले के मुधोल टाउन के गणेश विसर्जन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया था. इसी को लेकर कर्नाटक पुलिस उनके हैदराबाद आवास गई थी. जहां पर उन्होंने बागलकोट जिलाधिकारी द्वारा जारी किया गया एक नोटिस उन्हें दिया. इस नोटिस में उन पर राज्य में आने पर पाबंदी की बात कही गई थी.

नोटिस में कही गई थी ये बात

इस नोटिस में कहा गया है, “उनके भाषण दो समुदायों के बीच द्वेष फैलाने का काम करते हैं. 2015 में भी उनके खिलाफ कर्नाटक में सांप्रदायिक हिंसा फैलाने का मामला दर्ज किया गया था. उनके सोशल मीडिया पोस्ट भी भड़काऊ होते हैं.” इस नोटिस में यह भी कहा गया कि मुधोल में जहां पर गणपति विसर्जन होना है वो बहुत ही संवेदनशील इलाका है. ऐसे में अगर राजा सिंह को वहां आने की अनुमति दी जाती है तो कानून व्यवस्था और ज्यादा खराब हो जाएगी.

टी राजा सिंह ने जारी किया वीडियो

BJP MLA राजा सिंह ने इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में उन्होंने कहा, “मेरी वजह से कहीं भी सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुई. मेरे खिलाफ जो भी केस लगाए गए हैं, उनमें मेरी हाईकोर्ट में जीत हुई है.” उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार मानें हिंदू विरोधी सरकार. आप देख सकते हैं कि कैसे हिंदुओं को हिंदुओं के कार्यक्रम में आने से रोका जा रहा है.

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।