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हरियाणा में मिली हार की वजह प्रदेश कांग्रेस के नेता : राहुल गांधी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली हार को कांग्रेस पचा नहीं पा रही है. नतीजतन, जीत को लेकर बेहद आश्‍वस्‍त रही कांग्रेस ने इन नतीजों का विश्‍लेषण करने के लिए गुरुवार को हाई लेवल मीटिंग भी की है. इस बैठक में खुद राहुल गांधी भी मौजूद रहे. अभी तक हरियाणा के चुनावी नतीजों पर कोई भी प्रतिक्रिया न देने वाले राहुल गांधी ने आज इस मसले पर अपनी राय जाहिर कर ही दी. उन्‍होंने हरियाणा में कांग्रेस को मिली हार की वजह प्रदेश कांग्रेस के नेताओं बताया. हालांकि उन्‍होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्‍होंने जो बयान दिया, उससे उनकी नाराजगी साफ जाहिर हो रही है.

नतीजों पर मंथन के लिए आए राहुल गांधी ने हरियाणा हार पर बड़ी बात कही. उन्‍होंने कहा कि हरियाणा में नेताओं का इंटरेस्ट ऊपर रहा, जबकि पार्टी का इंटरेस्ट नीचे चला गया. हालांकि राहुल गांधी ने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्‍होंने इशारों-इशारों में बता दिया कि किनकी वजह से पार्टी को हरियाणा में हार का मुंह देखना पड़ा है.

दरअसल, कांग्रेस ने हरियाणा की हार पर मंथन का फैसला लिया है. प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के साथ यह मंथन किया जाएगा. इसमें आज कांग्रेस के हरियाणा से जुड़े AICC के नेताओं के साथ बैठक हुई. चुनाव की गिनती में अनियमितता और हरियाणा कांग्रेस के अंदर मतभेदों को लेकर इसमें चर्चा हुई. प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक के बाद इस पूरे मसले पर कार्रवाई की जाएगी. हरियाणा चुनाव से जुड़े सीनियर ऑब्जर्वर ने मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को हरियाणा पर अपनी शुरुआती रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है.

हरियाणा को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे, राहुल गांधी, वेणुगोपाल, अजय माकन और अशोक गहलोत ने इस पर चर्चा की. साथ ही हरियाणा को लेकर कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाने फैसला लिया गया. फैक्ट फाइंडिंग कमेटी कांग्रेस प्रत्याशियों और प्रदेश के नेताओं से मिलेगी और अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष को देगी. आज फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की कांग्रेस की तरफ से घोषणा किए जाने की संभावना है. फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ही प्रदेश के नेताओं भूपेंद्र सिंह हुड्डा, उदयभान, रणदीप सुरजेवाला और कुमारी सैलजा से मिलेगी.

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साभार : न्यूज़18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।