कानपुर. उत्तर प्रदेश की प्रमुख व्यापारिक मंडियों में शुमार कानपुर की चकरपुर अनाज मंडी में आज कारोबार का रुख मिला-जुला और स्थिर रहा। मार्च के शुरुआती सप्ताह में रबी की फसलों की आहट और खरीफ के स्टॉक की संतुलित मांग के बीच कीमतों में कोई बड़ा फेरबदल दर्ज नहीं किया गया। मंडी विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में आपूर्ति और मांग के बीच एक आदर्श संतुलन बना हुआ है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव थमा हुआ है।
प्रमुख फसलों का विस्तृत बाजार विश्लेषण
मंडी समिति से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, आज विभिन्न अनाजों के थोक भाव इस प्रकार रहे:
| जिन्स (Commodity) | न्यूनतम भाव (₹) | अधिकतम भाव (₹) | औसत भाव (₹) | बाजार की स्थिति |
| गेहूं | ₹2,380 | ₹2,550 | ₹2,516 | स्थिर |
| अरहर | ₹7,000 | ₹7,500 | ₹7,250 | मजबूत |
| चना | ₹5,400 | ₹5,500 | ₹5,450 | सामान्य |
| धान (कॉमन) | ₹1,900 | ₹2,390 | ₹2,082 | स्थिर |
| मटर | ₹3,900 | ₹4,000 | ₹3,950 | स्थिर |
| मक्का | ₹1,800 | ₹2,100 | ₹1,950 | सामान्य |
आलू और सरसों: आवक का असर
सब्जी मंडी और तिलहन अनुभाग में आज हलचल तेज रही। आलू की नई फसल की आवक में भारी वृद्धि होने के कारण कीमतों में नरमी का रुख देखा गया। फिलहाल आलू के दाम ₹600 से ₹800 प्रति क्विंटल के दायरे में सिमट गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है। वहीं, सरसों का बाजार ₹5,400 के औसत भाव पर स्थिर बना हुआ है।
दालों के तेवर और खुदरा बाजार
स्थानीय बाजारों में दालों की मांग निरंतर बनी हुई है। मंडी में थोक भाव स्थिर होने के बावजूद खुदरा बाजार में उड़द दाल ₹87 प्रति किलो के आसपास बिक रही है। व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में दालों की मांग में और इजाफा हो सकता है।
निष्कर्ष और भविष्य का अनुमान
होली के त्योहार की निकटता को देखते हुए आने वाले सप्ताह में अनाज और विशेषकर दालों की मांग में तेजी आने की संभावना है। हालांकि, नई गेहूं की फसल की आवक शुरू होते ही बाजार के समीकरण बदल सकते हैं। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मंडी आने से पहले ताजा भाव और मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
विस्तृत बाजार विश्लेषण: कानपुर मंडी भाव 2026: चकरपुर गल्ला मंडी में गेहूं और दलहन की कीमतों में स्थिरता
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