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सितांशू कोटक, अजय रात्रा व राजीब दत्त को मिलेगी भारतीय क्रिकेट टीम की बड़ी जिम्मेदारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम इस समय साउथ अफ्रीका दौरे पर है. टीम इंडिया ने इस दौरे की शुरुआत टी20 सीरीज से की है और अब नजरें रविवार से शुरू हो रही वनडे सीरीज पर हैं. इस सीरीज से पहले हालांकि बीसीसीआई ने एक बड़ा फैसला लिया है. बीसीसीआई के इस फैसले से सभी को हैरानी है. वनडे सीरीज से पहले टीम के पूरे कोचिंग स्टाफ को बदल दिया गया है. टी20 सीरीज में जो कोचिंग स्टाफ था उसे हटा दिया गया है और वनडे सीरीज के लिए नए कोचिंग स्टाफ को चुना गया है. इसका साफ मतलब है कि राहुल द्रविड़ वनडे सीरीज में टीम के कोच नहीं होंगे.

राहुल का हाल ही में कार्यकाल बढ़ाया गया था. उनका कार्यकाल वनडे वर्ल्ड कप तक का था लेकिन फिर बीसीसीआई ने उनके कार्यकाल में विस्तार दिया. हाल ही में खेली गई टी20 सीरीज में राहुल द्रविड़ ही टीम इंडिया के कोच थे. लेकिन वनडे सीरीज में वह नहीं होंगे. राहुल हालांकि वनडे सीरीज में ही कोच नहीं होंगे. टेस्ट सीरीज में वह वापस लौट आएंगे.

ये है कारण

क्रिकबज ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि राहुल द्रविड़ टेस्ट सीरीज पर अपना पूरा ध्यान लगाना चाहते हैं, इसी कारण उन्होंने वनडे सीरीज से दूर रहने का फैसला किया है और बीसीसीआई ने उनकी बात भी मान ली है. उनकी जगह सितांशू कोटक कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे. पूर्व विकेटकीपर अजय रात्रा टीम के फील्डिंग कोच होंगे. राजीब दत्त गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे.पहला वनडे 17 दिसंबर को जोहान्सबर्ग में खेला जाना है. वहीं दूसरा वनडे 19 दिसंबर को पोर्ट एलिजाबेथ में होगा. तीसरा और आखिरी वनडे 21 दिसंबर को पार्ल में खेला जाएगा. इसके बाद द्रविड़ लौटेंगे और 26 दिसंबर से न्यूलैंड्स में शुरू होने वाले टेस्ट मैच की जिम्मेदारी संभालेंगे. रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि द्रविड़ तीन दिन के वार्मअप मैच की तैयारी भी कराएंगे.

टेस्ट सीरीज पर कब्जा मकसद

रिपोर्ट की मानें तो द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा साउथ अफ्रीका में टेस्ट सीरीज जीतने को लेकर काफी फोकस हैं. वह इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. इसी कारण द्रविड़ का ध्यान पूरी तरह से इसी सीरीज पर है ताकि वह इसे जीत सकें. भारत ने पिछली दो टेस्ट चैंपियनशिप में फाइनल में कदम रखा था लेकिन खिताब नहीं जीता था. इस बार लग रहा है कि टीम इसे लेकर पहले से ज्यादा गंभीर है.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।