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हमास प्रमुख के ठिकाने याह्वा सिनवार तक पहुंची इजरायली सेना, युद्ध अंतिम चरण में

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

गाजा. इजरायल-हमास में बीते 70 दिनों से गाजा में युद्ध जारी है. इजरायल डिफेंस फोर्सेस ने 7 अक्टूबर को हमास के आतंकी हमले के बाद युद्ध की घोषणा कर दी थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह लड़ाई अपने आखिरी मोर्चे की तरफ बढ़ रही है. फिलहाल आईडीएफ की टकड़ियां हमास चीफ का घर कहा जाने वाले याह्वा सिनवार इलाके में लड़ाई लड़ रही हैं. बताया जाता है हमास चीफ याह्या सिनवार इलाके में ही पला बढ़ा है और हाल के सालों तक यहीं रहता था. युद्ध शुरू होने के बाद आईडीएफ के एक हवाई हमले में सिनवार के इस घर को ध्वस्त कर दिया गया था. अब इस घर के मलबे पर इजरायली सेना और हमास के लड़ाके आमने सामने हैं.

आईडीएफ के नियंत्रण में अहम ठिकाने
आईडीएफ के बयानों की मानें तो उन्होंने कहा है खान यूनिस में लड़ाई के दौरान इजरायली सैनिकों ने हमास के कई लड़ाकों को मार गिराया है, यहां पर उनको लंबी दूरी के तोपखाने बैरल और कई शाफ्ट भी मिले हैं. इजरायली सुरक्षा बलों को उत्तरी खान यूनिस ब्रिगेड के रॉकेट समूह के प्रमुख के घर पर छापेमारी के दौरान हथियार और खुफिया सामग्री बरामद हुई है. इन सभी स्थानों को आईडीएफ ने अपने नियंत्रण में ले लिया है.

सुरंगों से हो रहा है इजरायली सेना पर हमला
आईडीएफ का कहना है कि हमास टनल के जरिए उन पर हमला करते हैं. हमास के लड़ाके सुरंग से बाहर निकलते हैं और हमला करके सुरंग के रास्ते ही भाग जाते हैं. टनल की शुरुआत से लेकर उसके अंत के बारे में पूरी जानकारी नहीं होने की वजह से भी आईडीएफ को सैन्य कार्रवाई करने में दिक्कतें आ रही हैं. इन दिक्कतों की वजह से ही लड़ाई में इतना समय लग रहा है, इसके अलावा इजरायल के बंधकों का हमास के पास होना भी एक बड़ी समस्या है.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।