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बिहार में शराब तस्करों ने की छापेमारी करने गए दारोगा की कुचलकर हत्या

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

पटना. बिहार में शराबबंदी के बाद भी तस्करों के हौंसले बुलंद हैं। शराब माफिया को किसी का डर नहीं है और खुलेआम शराब की सप्लाई करते हैं। बेगूसराय से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां शराब की खेप पकड़ने आई पुलिस टीम पर तस्करों ने हमला बोल दिया। माफिया ने अपनी गाड़ी से रौंद दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई है। इस घटना में एक होमगार्ड भी गंभीर रूप से घायल हो गया है।यह घटना बेगूसराय जिले के नावकोठी थाना क्षेत्र में स्थित छतौना पुल के पास की है। नावकोठी थाने के एक दरोगा खमास चौधरी को सूचना मिली कि कार से शराब की बड़ी खेप आने वाली है। शराब की खेप को पकड़ने के लिए पुलिस टीम भी मुस्तैद हो गई है और दरोगा ने अपनी टीम के साथ छतौना पुल के पास चेकिंग शुरू कर दी।

शराब तस्करों ने पुलिस टीम पर किया हमला

पुलिस ने शराब से भरी कार को रोकने की कोशिश की तो तस्करों ने अपनी गाड़ी की स्पीड बढ़ा दी और सड़क पर खड़े दरोगा और होमगार्ड के एक जवान को कुचल दिया। बाकी पुलिस कर्मियों ने इधर-उधर भागकर अपनी जान बचाई। शराब माफिया के हमले में एसआई खमास चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, होमगार्ड के घायल जवान को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।

शराब से भरी कार का मालिक हिरासत में

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इस घटना के बाद पुलिस ने अपनी जांच बढ़ाते हुए छापा मारा और कार के मालिक को हिरासत में ले लिया है, लेकिन अभी तक कार नहीं मिली है। पुलिस कार और शराब की खेप को लेकर गाड़ी मालिक से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। बिहार में भले ही शराबबंदी है, लेकिन इसके बाद भी शराब तस्कर अपनी मनमानी कर रहे हैं। शराब माफिया के हौंसले इतने बुलंद हैं कि वे पुलिस कर्मियों को भी अपना निशाना बना रहे हैं।

साभार : न्यूज़24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।