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150 जल संकट वाले जिलों में चलेगा जल शक्ति अभियान

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नई दिल्ली (मा.स.स.). जल शक्ति अभियान: कैच द रेन (जेएसए:सीटीआर) अभियान 2023 के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए देश के शहरी क्षेत्रों में प्रारंभिक कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय और आवासन और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिवों ने संयुक्त रूप से एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान विभिन्न नगरपालिका आयुक्तों, गैर-लाभकारी संगठनों और व्यक्तिक स्‍तर पर किए गए अनुकरणीय प्रयासों की चर्चा के लिए शहरी क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बहुमूल्य संसाधनों के संरक्षण के लिए भू-जल रिचार्जिंग के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में जल निकायों के कायाकल्प के लिए विभिन्न स्तरों पर की गई विभिन्न पहलों को प्रस्तुत किया गया। इस वर्ष जल शक्ति अभियान: कैच द रेन अभियान के अंतर्गत जल जीवन मिशन ने 150 जल संकटग्रस्त जिलों की पहचान की है। यह इन स्रोतों की स्थिरता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

जल संसाधन विभाग, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव पंकज कुमार ने पिछले अभियानों में शहरी स्थानीय निकायों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्‍होंने अनुरोध किया कि मौजूदा वर्ष में भी शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए इसी तरह के प्रयास किए जाने चाहिए। आवासन और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव ने बाढ़ नियंत्रण और शहरी क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के दोहरे उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए जल शक्ति अभियान और कैच द रेन अभियान के महत्व पर बल दिया। ओडिशा के विशेष सचिव (शहरी) ने शहरी क्षेत्रों में जल निकायों के कायाकल्प के लिए शुरू किए गए आम पोखरी अभियान के बारे में अवगत कराया। इस अभियान में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की साझेदारी और स्वामित्व के माध्यम से जल निकायों का मानचित्रण शामिल था। केरल की गुरुवयूर नगर पालिका ने प्रभावी वर्षा जल निकासी प्रणाली के बारे में जानकारी दी। यह प्रणाली शहरी क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण में मददगार साबित हुई।

उन्होंने बताया कि अमृत मिशन के तहत लगभग 6.52 एकड़ नगरपालिका क्षेत्र में जल निकायों के कायाकल्प के साथ-साथ हरित क्षेत्र और उद्यान विकसित किए जा रहे हैं। लातूर और वडोदरा के नगर आयुक्तों ने शहरों में जल निकायों के कायाकल्प और स्मार्ट वर्षा जल संचयन को सुनिश्चित करने वाले जिलों में इन अत्‍याधुनिक प्रणाली को प्रस्तुत किया। आवासन और शहरी मामलों के मंत्रालय के अपर सचिव ने अमृत मिशन और अमृत 2.0 फ्लैगशिप के बारे में लोगों को जानकारी दी। इस मिशन के अंतर्गत लगभग 1500 करोड़ रूपये के वित्तीय आवंटन वाली 708 परियोजनाओं को विभिन्न जल संचयन और रिचार्जिंग गतिविधियों के लिए सम्मानित किया गया। अमृत 2.0 के अंतर्गत जल निकायों के कायाकल्प के लिए एक विशेष पहल की गई है, जिसमें लगभग 600 परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया है। उन्होंने पानी के प्रभावी उपयोग और संरक्षण के लिए रिचार्जिंग योजना, मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं द्वारा जल गुणवत्ता परीक्षण, जल उपचार संयंत्रों सहित विभिन्न पहलों के बारे में जानकारी दी।

जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय के सचिव ने जल शक्ति अभियान और कैच द रेन अभियान को लागू करने में आवासन और शहरी मामलों के मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की। उन्‍होंने सभी हितधारकों का आहवान किया कि वे इस वर्ष जल शक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए निरंतर समर्थन दे।

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