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चंपई सोरेन को नहीं मिला शपथ ग्रहण के लिए समय, हेमंत सोरेन पर निर्णय कल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रांची. झारखंड राजभवन से विधायक दल के नेता चंपई सोरेन के लौटने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। महागठबंधन के विधायक बस में सवार होकर सर्किट हाउस से निकल गए हैं। विधायक रांची एयरपोर्ट से दो चार्टर्ड प्लेन से तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद जाएंगे। तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है, इसलिए विधायक वहां सुरक्षित रहेंगे।

विधायक दल के नेता चंपई सोरेन सहित 5 MLA रांची में रहेंगे, जो हालात पर नजर रखेंगे। बीजेपी ने भी कल (2 फरवरी) अपने विधायक दल की बैठक बुलाई है। झारखंड में सियासी संकट के बीच विधायक दल के प्रतिनिधियों के साथ चंपई सोरेन ने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। राज्यपाल से सरकार गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की।

मुलाकात के बाद महागठबंधन विधायक दल के नेता चंपई सोरेन ने कहा- ‘हमने कल नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था। हमने राज्यपाल से कहा कि हम इस विषय पर क्लियर हैं। हमने उनसे इसे जल्दी करने का अनुरोध किया है। उन्होंने (राज्यपाल) भी कहा है कि वो जल्द ही करेंगे।

इधर, ED को झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की रिमांड गुरुवार को नहीं मिली है। कोर्ट ने ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया है। होटवार जेल में हेमंत सोरेन की रात कटेगी। कोर्ट कल रिमांड पर फैसला सुनाएगी। वहीं, हेमंत की याचिका पर पर हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में अर्जेंसी नहीं दिखती। कपिल सिब्बल ने भी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर कल सुनवाई हो सकती है।

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साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।