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गर्भवती पत्नी को तीन तलाक देकर निकाला, 9 बच्चों की है मां

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ. मेरठ के कंकरखेड़ा में शराबी पति ने 9 बच्चों की गर्भवती मां को पेट में लात मारकर तीन तलाक दे दिया और घर से निकाल दिया। महिला की हालत बिगड़ी तो आरोपी शराबी पति घर का ताला लगाकर फरार हो गया। शुक्रवार को पीड़ित महिला अपने 9 बच्चों को लेकर न्याय मांगने एसएसपी दफ्तर पहुंच गई। मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी ने पीड़ित महिला को मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

गांव सिंपावली की रहने वाली साजमा का निकाह करीब 11 वर्ष पूर्व सरूरपुर थाना क्षेत्र के गांव खिवाई निवासी जुल्फिकार के साथ हुआ था। पीड़ित महिला साजमा ने बताया कि उसके नौ बच्चे हैं और वह 6 माह की गर्भवती भी है। महिला का आरोप है कि उसका पति शराबी है महिला ने जब आरोपी पति के शराब पीने का विरोध किया तो आरोपी ने महिला के साथ मारपीट कर दी, और उसके पेट में लात मारते हुए तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। आरोपी पति द्वारा पेट में लात मारने के कारण महिला साजमा की हालत बिगड़ गई जिसके बाद महिला का पति घर पर ताला लगाकर फरार हो गया। महिला ने मामले की जानकारी अपने मायके पक्ष के लोगों को दी, सूचना पाकर पीड़िता के मायके पक्ष के लोग महिला के पास पहुंचे और महिला को थाने ले जाकर आरोपी पति पर कार्यवाही की मांग की।

पीड़िता अपने 9 बच्चों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंची

पीड़ित महिला का आरोप है कि थाना पुलिस ने आरोपी पति पर कार्यवाही नहीं की इसी के चलते शुक्रवार को पीड़िता अपने 9 बच्चों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंची और आरोपी पति पर सख्त कार्यवाही की मांग की। वही मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी रोहित सिंह सजवान ने थाना पुलिस को मामले की जांच कर सख्त कार्यवाही का आदेश दिया है।

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साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।