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पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद अनंतनाग-राजौरी से लड़ेंगे लोकसभा चुनाव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

जम्मू. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) अनंतनाग-राजौरी निर्वाचन क्षेत्र (Anantnag-Rajouri Constituency) से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। आजाद की पार्टी डीपीएपी ने मंगलवार को यह ऐलाने किया। दरअसल अगस्त 2022 में कांग्रेस के साथ अपने पांच दशक लंबे जुड़ाव को समाप्त करने के बाद गुलाम नबी आजद ने डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (DPAP) का गठन किया। डीपीएपी नेता ताज मोहिउद्दीन ने श्रीनगर में संवाददाताओं से कहा कि आज डीपीएपी की कोर कमेटी की बैठक हुई और हमने फैसला किया है कि (पार्टी अध्यक्ष) गुलाम नबी आजाद अनंतनाग-राजौरी सीट से चुनाव लड़ेंगे।

2014 के बाद आजाद का पहला चुनाव

2014 में उधमपुर लोकसभा सीट से बीजेपी नेता जितेंद्र सिंह से हारने के बाद गुलाम नबी आजाद के लिए यह पहला लोकसभा चुनाव होगा। अल्ताफ बुखारी की अपनी पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना पर मोहिउद्दीन ने कहा कि इस मोर्चे पर कोई प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हमारे पास समय की कमी है और बातचीत में ज्यादा प्रगति नहीं हुई है। इसलिए बेहतर होगा कि वे अपना काम करें और हम अपना काम करें। उन्हें किसी भी सूरत में अनंतनाग सीट में कोई दिलचस्पी नहीं थी।

अनंतनाग-राजौरी सीट का गणित

मोहिउद्दीन ने कहा कि कश्मीर में अन्य लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों का फैसला उचित समय पर किया जाएगा। राजनीतिक जानकारों का दावा है कि डोडा, किश्तवाड़, बदेरवाह और पुंछ जैसे पीर पंजाल के दक्षिण इलाकों में वोट बैंक रखने वाले आजाद विपक्षी पार्टी के उम्मीदवारों के वोटों को विभाजित करने में सक्षम होंगे।


पहले किसके पास थी यह सीट

अनंतनाग-राजौरी में दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, शोपियां और कुलगाम जिले और जम्मू क्षेत्र में राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती जिलों के अधिकांश हिस्से शामिल हैं। यह सीट, जिसमें परिसीमन पैनल की ओर से बड़े पैमाने पर पुनर्निर्धारण देखा गया। वर्तमान में नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता और पूर्व न्यायाधीश हसनैन मसूदी के पास है। इन्होंने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती से यह सीट छीनी थी।

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जम्मू-कश्मीर में कब चुनाव?

जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव सात चरणों में से पहले पांच चरणों में होंगे। इसमें 19 अप्रैल (उधमपुर), 26 अप्रैल (जम्मू), 7 मई (अनंतनाग-राजौरी), 13 मई (श्रीनगर) और 20 मई ( बारामूला) को होगा जबकि नतीजे 4 जून को घोषित किए जाएंगे।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।