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भाजपा गठबंधन ने उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा प्रत्याशी बनाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को एनडीए से राज्यसभा भेजा जाएगा. इस खबर के सामने आने के बाद अब उपेंद्र कुशवाहा का भी पहला रिएक्शन आ गया है. उपेंद्र कुशवाहा ने चार लोगों का पीएम मोदी को, अमित शाह, जेपी नड्डा और सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) का नाम लेकर उन्हें धन्यवाद दिया.

‘संसद में बिहार के मुद्दों को जोर-शोर से उठाएंगे’

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, “बिहार से मुझको एनडीए से राज्यसभा भेजे जाने का निर्णय लिया गया है. संसद में बिहार के मुद्दों को जोर-शोर से उठाएंगे. एनडीए के जो कोर वोटर्स हैं उसमें लव कुश (कुर्मी कुशवाहा) एक मजबूत स्तंभ है. जीतन राम मांझी, चिराग पासवान का भी अपना वोट बैंक है. इन सबको मिलाकर यह एनडीए का स्वरूप है. विधानसभा चुनाव में मजबूती से उतरना है.”

राहुल गांधी के बयान पर कुशवाहा ने क्या कहा?

उधर कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी के बयान पर सियासी बवाल जारी है. राहुल गांधी की ओर से हिंदुओं और हिंसा पर दिए गए बयान को लेकर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि इससे समाज में नफरत और तनाव फैलने की स्थिति बनेगी. बड़े नेताओं को यह सोचना चाहिए कि हम जो बोल रहे हैं उसका समाज पर क्या असर होगा. बता दें काराकाट से लोकसभा चुनाव हारने के बाद आरएलएम के राष्ट्रीय उपेंद्र कुशवाहा को अब एनडीए की ओर से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया गया है. लोकसभा में पाटलिपुत्र से मीसा भारती और नवादा से विवेक ठाकुर के सांसद बनने के बाद राज्यसभा की दो सीटें खाली हुई हैं.

दूसरी ओर बिहार में 12 दिनों में निर्माणाधीन, निर्मित छह पुल के गिरने या धंसने पर कुशवाहा ने कहा कि ऐसा तो नहीं है कि एक-दो महीने पहले से पुल बनना शुरू हुआ? यह तो पहले से बन रहा है. महागठबंधन सरकार में तेजस्वी के पास ग्रामीण कार्य विभाग था. तेजस्वी सिर्फ सवाल खड़ा न करें. जवाब उनको भी देना पड़ेगा.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।