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16 आदिवासी परिवारों के 81 लोगों ने की घर वापसी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रायपुर. मतांतरण विरोधी अभियान को छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बड़ी सफलता मिली है। लोहंडीगुड़ा ब्लाक के कस्तूरपाल में पूर्व में ईसाई बने 16 परिवार के 81 लोगों ने सनातन धर्म में वापसी कर ली है। सभी करटामी माडिया जनजाति के हैं।

ईसाई समुदाय के लोगों ने कराया था मतांतरण

गांव के पुजारी व सरपंच की उपस्थिति में उक्त सभी ने विधिवत अनुष्ठान कर जल, थल, नभ, प्रकृति व देवी-देवताओं को साक्षी मानकर सनातन धर्म में वापसी की है। मूलधर्म में लौट चुके नानी ने बताया कि तीन वर्ष पहले उनके परिवार के कुछ लोग बीमार हो गए थे, तब ईसाई समुदाय के लोगों ने प्रार्थना से ठीक होने की बात कहकर पूरे परिवार का मतांतरण करवाया था।

अब लोग लौट रहे अपने मूल धर्म में

मतांतरण के विरुद्ध अभियान चला रहे बस्तर संस्कृति सुरक्षा मंच के संभागीय संयोजक महेश कश्यप ने बताया कि नारायणपुर से दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर तक जागरण यात्रा निकाली गई थी, जिसका असर दिख रहा है। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष दशरथ कश्यप ने बताया कि राज्य की एक हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा ने मतांतरण पर रोक लगाने का निर्णय पारित किया है। गांवों में मतांतरित हुए लोग अब मूलधर्म में लौट रहे हैं।

साभार :  दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।