लोड हो रहा है...

18 अप्रैल तक बढ़ी मनीष सिसोदिया कि हिरासत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

नई दिल्ली. दिल्ली के पूर्व डिप्टी CM और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत और 12 दिनों के लिए बढ़ गई है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 18 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। दरअसल, दिल्ली शराब नीति केस को लेकर तिहाड़ जेल में बंद सिसोदिया की हिरासत आज (6 अप्रैल) को खत्म हो रही थी। उन्हें आज कोर्ट में पेश किया गया। ED ने आरोपियों की तरफ से देरी के अलग-अलग आधारों पर उनकी जमानत याचिका का विरोध किया। कोर्ट ने ED की आगे की दलील पर सुनवाई 10 अप्रैल दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी है। सिसोदिया तिहाड़ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 10 अप्रैल को कोर्ट में पेश होंगे।

सुनवाई से एक दिन पहले चिट्ठी सामने आई

जमानत याचिका पर सुनवाई से एक दिन पहले शुक्रवार (5 अप्रैल) को सिसोदिया की एक चिट्ठी सामने आई थी। उन्होंने यह चिट्ठी 15 मार्च को अपने विधानसभा क्षेत्र पटपड़गंज के लोगों को लिखी थी। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने इसे अपने X प्लेटफॉर्म पर 5 अप्रैल को जारी किया।सिसोदिया ने इसमें कहा- जेल में रहने के बाद आप सब के प्रति मेरा प्यार और बढ़ गया है। आपने मेरी पत्नी सीमा का बहुत ख्याल रखा। सीमा आप सबके बारे में बात करते हुए भावुक हो जाती है।आप सभी अपना ख्याल रखें। अंत में उन्होंने लिखा- जल्द ही बाहर मिलेंगे। शिक्षा क्रांति जिंदाबाद।

इससे पहले 2 अप्रैल को सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी। AAP नेता ने तब कोर्ट में कहा था, ‘मुझे जेल में रखने से कोई फायदा नहीं है। दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मेरे खिलाफ जांच पहले ही पूरी हो चुकी है। मेरी तरफ से जांच में बाधा डालने या सबूत मिटाने की कोई संभावना नहीं है।’ सिसोदिया ने स्पेशल जज एम के नागपाल से यह भी कहा था कि अगर अदालत उन्हें जमानत देने का फैसला करती है तो वह अदालत की किसी भी शर्त का पालन करने को तैयार हैं। सिसोदिया शराब नीति केस में 26 फरवरी 2023 से जेल में हैं। वे अभी तिहाड़ में बंद हैं।

शराब नीति मामले में केजरीवाल भी गिरफ्तार

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ED ने दिल्ली के कथित शराब घोटाले में 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। ED ने केजरीवाल को 9 समन भेजा था। वे एक भी समन पर पेश नहीं हुए। इस दौरान ED और केजरीवाल दोनों समन को लेकर कोर्ट पहुंचे थे। ED ने केजरीवाल को 17 मार्च को 9वां समन भेजा था। केजरीवाल 19 मार्च को समन के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे थे। उनकी याचिका पर 20 मार्च को सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने बार-बार समन भेजने को लेकर ED को तलब किया।

- Advertisement -

साभार : दैनिक भास्कर

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www.amazon.in/dp/9392581181/

https://www.flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।