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चीन अपने नागरिकों के लिए पाकिस्तान में तैनात करना चाहता है अपने सुरक्षाकर्मी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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बीजिंग. पाकिस्तान में लगातार चीनी नागरिकों पर बढ़ रहे हमलों की वजह से अब ड्रैगन का भरोसा अपने खास दोस्त से उठने लगा है। बीजिंग ने अब इस्लामाबाद से खास डिमांड की है। चीन का भरोसा पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर नहीं है। वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए खुद की सिक्योरिटी को पाकिस्तान में तैनात करना चाहता है। ऐसे में अब लगातार चीन अपनी फौज उतारने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बना रहा है। पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है।

कराची में हुआ था आतंकी हमला

रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में कराची एयरपोर्ट के पास आतंकी हमला हुआ था। जिसमें दो चीनी इंजीनियरों की मौत हो गई थी। एक कार में बम विस्फोट किया गया था। चीन इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया दे चुका है। चीन ने हमले के बाद पाकिस्तान सरकार को अपने ज्वाइंट सिक्योरिटी मैनेजमेंट में भी सुधार करने की सलाह दी है। दोनों देशों में हमलों से निपटने को लेकर वार्ता भी चल रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी सूत्रों ने माना है कि चीन अपनी खुद की सिक्योरिटी को पाकिस्तान में तैनात करना चाहता है। हालांकि पाकिस्तान ने ड्रैगन को अभी हरी झंडी नहीं दी है। बीजिंग की ओर से इस्लामाबाद को एक आतंकवाद विरोधी प्रस्ताव भी भेजा गया है। जिसमें आतंकियों के खिलाफ दोनों देशों की फोर्स और एजेंसियों को एक-दूसरे की मदद के लिए भेजने पर जोर दिया गया है।

चीन जाहिर कर चुका निराशा

आधिकारिक तौर पर अभी पाकिस्तान ने इस प्रस्ताव को लेकर कोई एक्शन नहीं लिया है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान संयुक्त सुरक्षा योजना पर फिलहाल बातचीत नहीं कर रहा है। हालांकि उन्होंने चीन के साथ सहयोग करने की बात कही है। पाकिस्तान ने चीनी नागरिकों और संस्थानों की सुरक्षा का भरोसा भी दिया है। मामले में पाकिस्तानी सेना का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। चीन कई बार अपने नागरिकों और संस्थानों की सुरक्षा का मुद्दा पाकिस्तान के सामने उठा चुका है। लेकिन लगातार आतंकी हमले जारी हैं। पाकिस्तान में चीनी राजदूत जियांग जैदोंग ने इसी महीने निराशा व्यक्त की थी। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पाक सेना के हजारों जवान फिलहाल चीनी नागरिकों की सुरक्षा में तैनात हैं।

साभार : न्यूज़24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।