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अबू धाबी का हिंदू मंदिर साम्प्रदायिक सद्भाव का प्रतीक होगा : नरेंद्र मोदी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (14 फरवरी) को अबू धाबी में बने पहले हिंदू मंदिर का उद्घाटन करने के बाद कुरान का जिक्र किया. उन्होंने इस दौरान कहा कि मंदिर वैश्विक एकता का प्रतीक है. पीएम मोदी ने कहा, ”मंदिर की दीवारों पर हिंदू धर्म के साथ-साथ इजिप्ट की hieroglyphics और कुरान की कहानियां भी उकेरी गई है.” उन्होंने आगे कहा कि यह मंदिर साम्प्रदायिक सद्भाव और विश्व की एकता का प्रतीक होगा. अबू धाबी का ये विशाल मंदिर सिर्फ एक पूजा स्थल नहीं, ये मानवता की साझी विरासत का प्रतीक है.

पीएम मोदी ने क्या कहा?

पीएम मोदी ने कहा कि  हमारी संस्कृति, हमारी आस्था हमें विश्व कल्याण के इन संकल्पों का हौसला देती है. भारत इस दिशा में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि अबू धाबी के मंदिर की मानवीय प्रेरणा हमारे इन संकल्पों को ऊर्जा देगी, उन्हें साकार करेगी.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परमात्मा ने मुझे जितना समय दिया है, उसका हर एक पल और परमात्मा ने जो शरीर दिया है,  उसका कण-कण सिर्फ और सिर्फ मां भारती के लिए है. 140 करोड़ लोग मेरे आराध्य देव हैं. बता दें कि दुबई-अबू धाबी शेख जायद राजमार्ग पर अल राहबा के पास 27 एकड़ क्षेत्र में करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से ये मंदिर बना है.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।