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उद्धव ठाकरे मुस्लिम मतदाताओं के कारण जीते लोकसभा चुनाव : देवेंद्र फडणवीस

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (यूबीटी) चीफ उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि अपने भूमिपुत्रों के एजेंडे पर गर्व करने वाली शिवसेना (यूबीटी) ने अल्पसंख्यकों, गैर-मराठियों और गैर हिंदी भाषियों की बदौलत मुंबई की तीन लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की है. उपमुख्यमंत्री ने इसके साथ ही यह भी दावा किया है कि शिवसेना (यूबीटी) की जीत मराठी भाषियों और मुंबईकरों और कई पीढ़ियों से शहर में रहने वाले उत्तर भारतीयों के वोटों से नहीं हुई है. शिवसेना (यूबीटी) ने हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में मुंबई की 6 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं एक सीट पर बीजेपी, एक सीट पर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और एक सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है.

‘हिंदू हृदय सम्राट की बजाय जनाब का इस्तेमाल किया’

उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि विपक्ष ने उन लोगों के वोटों से जीत दर्ज की, जिनके लिए उन्हें हिंदू हृदय सम्राट की बजाय जनाब का इस्तेमाल करना पड़ा. यहीं नहीं उन्होंने दावा किया है अल्पसंख्यकों का वोट हासिल करने के लिए चुनाव के दौरान पिछले 6 महीनों से उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन के दौरान मेरे हिंदू भाइयों और बहनों तक कहना बंद कर दिया.

संविधान बदलने की झूठी कहानी कही गई- देवेंद्र फडणवीस

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) और अन्य विपक्षी पार्टियों ने चुनाव प्रचार के दौरान लोगों से झूठ बोला कि बीजेपी संविधान को बदलना चाहती है या बीजेपी की सरकार आएगी तो सरकार को बदल देगी. बीजेपी आरक्षण को खत्म करना चाहती. ये सारी झूठी कहानी कहकर बीजेपी को काफी नुकसान पहुंचाया. बता दें कि बीजेपी ने महाराष्ट्र में 2024 के लोकसभा चुनावों में 48 में से 28 सीटों पर चुनाव लड़ा. इसमें बीजेपी केवल नौ सीटों पर जीत पाई. वहीं साल 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने महाराष्ट्र की 23 सीटों पर जीत दर्ज की थी.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।