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ईडी ने पूर्व एमएलए गुलाब यादव और आईएएस संजीव हंस के ठिकानों पर मारा छापा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. झंझारपुर के पूर्व विधायक गुलाब यादव के गंगापुर स्थित आवास पर मंगलवार की सुबह-सुबह ईडी की रेड पड़ते ही हड़कंप मच गया। इस दौरान ईडी की टीम ने केंद्रीय पुलिस बल टीम के साथ गुलाब यादव के घर को घेरा। इसके बाद घर के मेन गेट को बंद कर दिया गया। वहीं छापे की जानकारी मिलते ही गुलाब यादव के घर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। बताया जा रहा है कि सुबह पांच बजे ईडी की टीम ने गुलाब यादव के घर पर दबिश दी। वहीं स्थानीय प्रशासन को इसकी कोई जानकारी नहीं होने की बात कही जा रही है।

पूर्व विधायक गुलाब यादव के ठिकानों पर ईडी का छापा

खबर है कि गुलाब यादव के पटना और पुणे आवास पर भी सुबह में छापा मारा गया है। झंझारपुर वाले आवास में ईडी की टीम को गुलाब यादव नहीं मिले। कहा जा रहा है कि गुलाब यादव एमएलसी अम्बिका गुलाब यादव या उनकी पुत्री बिंदु गुलाब यादव गंगापुर वाले आवास पर नहीं हैं। ईडी की टीम को यहां गुलाब यादव के कुछ स्टाफ मिले जिनसे पूछताछ की गई। गुलाब यादव पहले राजद से विधायक थे। 2019 में उन्होंने राजद के टिकट से ही लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। इसके बाद 2024 में वो बागी हो गए और बीएसपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा। इसके लिए राजद से उन्हें पार्टी से निकाल भी दिया था। उनकी पत्नी अंबिका गुलाब यादव एमएलसी हैं। साथ ही उनकी बेटी बिंदु गुलाब यादव मधुबनी जिला परिषद की चेयरमैन भी हैं। गुलाब यादव पर एक रेप केस भी चल रहा है।

IAS संजीव हंस के ठिकानों पर भी ईडी का छापा

वहीं बिहार में ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव और सीनियर IAS संजीव हंस के ठिकानों पर भी आज यानी मंगलवार 16 जुलाई को ईडी की टीम ने दबिश दी। यह छापेमारी आय से अधिक संपत्ति के मामले में की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार उनके निजी सहायक के घर भी ED ने दबिश दी है। यहां ये भी जान लीजिए कि गुलाब यादव और संजीव हंस दोनों पर ही एक महिला ने रेप का आरोप लगाया है। ये मुकदमा अभी अदालत में चल रहा है। हालांकि यह छापेमारी प्रवर्तन निदेशालय की है। खबर लिखे जाने तक IAS संजीव हंस के इनकम टैक्स स्थित कार्यालय पर छापा चल रहा था। इसकी वजह से हड़कंप की स्थिति थी।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।