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सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले इस्तीफा दे सकते हैं चंडीगढ़ के मेयर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

चंडीगढ़. चंडीगढ़ मेयर चुनाव (Chandigarh Mayor Election 2024) विवाद को लेकर राजनीतिक दलों में घमासान मचा हुआ है। आप और कांग्रेस ने भाजपा की जीत को फर्जी बताया। साथ ही चुनाव को अनफेयर बताते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मेयर विवाद को लेकर अगली सुनवाई है। इसी बीच अब सुनवाई से पहले नगर निगम मेयर मनोज सोनकर के इस्‍तीफा देने की बात सामने आ रही है।

फिर से मेयर चुनाव की पेशकश

भाजपा आम आदमी पार्टी के तीन पार्षदों को अपने यहां पर शामिल करवा कर अपनी संख्या बढ़ाना चाहती है। ऐसा कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले वर्तमान मेयर मनोज सोनकर का पार्टी इस्तीफा दिलवा सकती है। ऐसा करके भाजपा खुद ही फिर से मेयर चुनाव की पेशकश कर रही है। फिर से मेयर चुनाव होने पर भाजपा सोनकर को उम्मीदवार नहीं बनाना चाहती।

कांग्रेस पार्षदों से भी भाजपा बना रही संपर्क

वहीं भाजपा कांग्रेस के भी कुछ पार्षदों से संपर्क कर रही है, ताकि वहां से भी पार्षद भाजपा में शामिल हो सकें। भाजपा सोमवार को मेयर चुनाव विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले विपक्षी पार्षदों को पार्टी में शामिल करा सकती है।

चुनाव अधिकारी अनिल मसीह कोर्ट में होंगे पेश

जानकारी के अनुसार आम आदमी पार्टी के जिन तीन पार्षदों को ज्वाइन करवाया जा रहा है उनमें से एक को मेयर पद का उम्मीदवार बनाने का ऑफर दिया गया है। इस बार मेयर का पद आरक्षित वर्ग के लिए रिजर्व है। जिन तीन आप पार्षदों को भाजपा में शामिल करवाने की बात चल रही है उसमें दो महिला पार्षद है जो की आरक्षित वर्ग से संबंधित है। मालूम हो कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव अधिकारी अनिल मसीह को जमकर फटकार लगाई थी और सोमवार को चुनाव अधिकारी को भी पेश होने के लिए कहा गया है।

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सुनवाई से पहले भाजपा पार्षदों की बैठक

नगर निगम में इस समय 35 पार्षद है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले रविवार दोपहर को सभी भाजपा पार्षदों की आपातकालीन बैठक बुलाई गई है यह बैठक पंचकूला के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में होने वाली है। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े मौजूद रहेंगे। मेयर चुनाव विवाद को पूरी तरह से सुलझाने की जिम्मेवारी राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावडे को दी गई है। इस उठक बैठक के बीच कांग्रेस ने अपने साथ पार्षदों की घेराबंदी मजबूत कर दी है उन्हें लगता है कि कहीं उनके भी कोई पार्षद टूट कर भाजपा में शामिल न हो जाए।

कांग्रेस के पार्षद को मिला ये ऑफर

यह भी जानकारी है कि कांग्रेस के पार्षद जसबीर सिंह बंटी को भी भाजपा में शामिल होने का ऑफर दिया गया है‌। उन्‍हें कहा गया है कि अगर वह भाजपा में शामिल हो जाते हैं तो उसे फिर से होने वाले चुनाव में मेयर पद का उम्मीदवार बना दिया जाएगा। अगर आपके तीन पार्षद बीजेपी में शामिल हो जाते हैं तो उनकी संख्या 18 हो जाएगी। इन 18 में एक सांसद किरण खेर का वोट है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अपने-अपने पार्षदों को संपर्क करने लग गई है।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।