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अफगानिस्तान सीमा के पास टीटीपी ने की 6 पाकिस्तानी सैनिकों की हत्या

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हुए आतंकवादी हमले में पाकिस्तानी सेना के 6 सैनिकों की मौत हो गई। रात के वक्त अचानक हुए इस आतंकी हमले में करीब 11 जवान घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हमले के बाद पाकिस्तानी सेना ने तलाशी अभियान छेड़ दिया है।

रात के वक्त आतंकियों ने चौकी पर किया हमला

पाकिस्तान सेना के अधिकारियों ने बताया कि अफगानिस्तान की सीमा से लगे पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि को एक सुरक्षा चौकी पर हुए आतंकवादी हमले में छह सुरक्षाकर्मी मारे गए और 11 अन्य घायल हो गए। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

आतंकियों को खत्म करने के लिए सर्च अभियान जारी

सेना के अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिण वजीरिस्तान जिले की लाधा तहसील के मिष्टा गांव में सुरक्षा चौकी पर टीटीपी आतंकवादियों के एक समूह ने हमला कर दिया। जिसमें छह सुरक्षा   कर्मियों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए।  आधिकारिक सूत्र ने बताया कि आतंकियों के खात्मे के लिए सेना अभियान चल रहा है। यह हमला क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हुआ है। टीटीपी इस क्षेत्र में सक्रिय है और सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर कई ऐसे हमले कर चुका है।

वजीरिस्तान में मारे गए सात आतंकवादी

एक अन्य घटना में शुक्रवार को दक्षिणी वजीरिस्तान के वारसाक इलाके में हुई गोलीबारी में सात आतंकवादी मारे गए और दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने के बाद आतंकवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। पाकिस्तान सरकार लगातार अफगानिस्तान पर टीटीपी को शरण देना का आरोप लगाती रही है। जिसका अफगान की  तालिबान सरकार खंडन करती रही है।

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2021 में काबुल में तालिबान द्वारा सरकार पर कब्जा करने के बाद से पाकिस्तान में आतंकवाद की घटनाओं में वृद्धि हुई है। जिससे इस्लामाबाद में वो उम्मीदें धराशायी हो गई हैं, जिसमें उसे लग रहा था कि, अफगानिस्तान सरकार उसकी उग्रवाद से निपटने में मदद करेगी। इन आतंकी घटनाओं के चलते दोनों देशों के बीच संबंध हाल ही में तनावपूर्ण हो गए हैं। जिसका मुख्य कारण टीटीपी है। सीमा पर लगातार टीटीपी और पाकिस्तान सेना के बीच झड़पें हो रही हैं। टीटीपी की स्थापना 2007 में कई आतंकवादी संगठनों के एक समूह के रूप में की गई थी। पाकिस्तानी सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस प्रतिबंधित संगठन को “फ़ितना अल-ख़वारिज” घोषित किया हुआ है।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।