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इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर लगातार तीसरे दिन भी किया हमला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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तेल अवीव. लेबनान में लगातार तीन दिनों से तबाही देखी जा रही है। मंगलवार को पहले पेजर अटैक हुआ। बुधवार को यहां वॉकी-टॉकी में धमाके हुए। वहीं गुरुवार को इजरायली एयरफोर्स ने लेबनान में घुसकर हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बम बरसाए हैं। गुरुवार को दक्षिणी लेबनान में इजरायल की ओर से दर्जनों हमले हुए। टाइम्स ऑफ इजरायल ने लेबनानी सुरक्षा सूत्रों के हवाले से कहा कि यह 7 अक्टूबर को गाजा युद्ध की शुरुआत के बाद हिजबुल्लाह पर सबसे घातक बमबारी थी। गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से हमास के समर्थन में लगातार हिजबुल्लाह इजरायल पर हमला करता रहा है।

इजरायली सेना ने कहा कि लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी लेबनान में 100 से ज्यादा हिजबुल्लाह रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया। यह रॉकेट लॉन्चर हिजबुल्लाह के लिए महत्वपूर्ण थे, जो तुरंत लॉन्च के लिए तैयार थे। सेना ने कहा कि लगभग 1000 रॉकैट बैरल तबाह हुए। सेना के मुताबिक दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में हिजबुल्लाह की कई इमारतों और एक हथियार डिपो पर हमला किया गया। गुरुवार की दोपहर से हमला शुरू हुआ, जो कई चरण में चला।

इजरायल ने लोगों को बम शेल्टर में भेजा

सेना ने कहा, ‘IDF हिजबुल्लाह के आतंकी ठिकानों और सैन्य बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचाना और कमजोर करना जारी रखेगा।’ लेबनानी सीमा के करीब उत्तरी इजरायल के कई समुदायों और शहरों के नागरिकों के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसमें उन्हें बम शेल्टर में रहने को कहा गया है। आईडीएफ ने नागरिकों को घरों में रहने को कहा है। एयर स्ट्राइक लेबनान की ओर से बड़े रॉकेट हमले के बाद हुई है। इजरायल ने हिजबुल्लाह के साथ युद्ध की तैयारी कर ली है।

हिजबुल्लाह के हमले में इजरायली सैनिकों की मौत

गुरुवार को हिजबुल्लाह के मिसाइल और ड्रोन हमले में इजरायली डिफेंस फोर्स के दो सैनिक मारे गए। 9 सैनिक हमले में घायल हुए। इसके साथ ही गुरुवार को हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह ने एक भाषण दिया। इसमें उसने पेजर और वॉकी टॉकी धमाके के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया और बदला लेने की कसम खाई। वही इजरायली रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने इसे युद्ध का नया चरण बताया। गैलेंट ने कहा कि IDF उत्तरी इजरायल से विस्थापित हुए लोगों की उनके घरों में वापसी तक लेबनान में हमले जारी रखेगा। उन्होंने एक वीडियो में कहा कि हिजबुल्लाह खुद को सताया हुआ महसूस कर रहा है।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।