शनिवार, सितंबर 19 2026 | 12:10:34 PM

छत्तीसगढ़ सरकार ने बजट में शराब पर समाप्त किया अतिरिक्त उत्पाद शुल्क

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रायपुर. छत्तीसगढ़ में विदेशी शराब पर लगाए गए 9.5 प्रतिशत के ‘अतिरिक्त उत्पाद शुल्क’ को खत्म करने के राज्य सरकार के फैसले के बाद राज्य में शराब अब सस्ती हो जाएगी। एक अधिकारी ने कहा, इसके परिणामस्वरूप, विदेशी शराब की खुदरा कीमतें, विशेष रूप से मध्यम और उच्च श्रेणी की श्रेणियों में लगभग 40 रुपये से 3,000 रुपये प्रति बोतल तक गिर जाएंगी। उन्होंने बताया कि रविवार शाम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साई की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया।

कितनी दुकानें होंगी संचालित?

जनसंपर्क विभाग के अधिकारी ने कहा, “कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए छत्तीसगढ़ आबकारी नीति को मंजूरी दे दी। नई नीति के अनुसार, 674 शराब दुकानें अगले वित्तीय वर्ष में चालू रहेंगी और प्रीमियम दुकानें आवश्यकता के अनुसार संचालित की जाएंगी।” उन्होंने कहा, “देशी शराब की आपूर्ति के लिए मौजूदा दर की पेशकश प्रभावी रहेगी। विदेशी शराब की थोक खरीद और वितरण का प्रबंधन छत्तीसगढ़ राज्य पेय पदार्थ निगम लिमिटेड द्वारा किया जाता रहेगा। शराब पर बुनियादी ढांचा विकास शुल्क अपरिवर्तित रहेगा, जबकि खुदरा विदेशी शराब पर 9.5% का ‘अतिरिक्त उत्पाद शुल्क’ अगले वित्तीय वर्ष में समाप्त कर दिया जाएगा।”

शराब की तस्करी पर लगेगा अंकुश

अधिकारी ने कहा कि इस फैसले से दो बड़े फायदे होने की उम्मीद है, जिसमें छत्तीसगढ़ में विदेशी शराब सस्ती होना और दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी पर अंकुश लगाना शामिल है। अधिकारी ने कहा, “सरकार का मानना ​​है कि जब शराब की कीमतें एक समान रहेंगी, तो अवैध आयात के लिए कोई प्रोत्साहन नहीं मिलेगा। इस कदम से न केवल राज्य के राजस्व को फायदा होगा, बल्कि बाजार की स्थिरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।”

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।