रविवार, सितंबर 20 2026 | 02:43:35 AM

झारखंड में एनटीपीसी के डीजीएम की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रांची. झारखंड के हजारीबाग जिले से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां NTPC के DGM की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. मिली जानकारी के अनुसार वारदात शनिवार सुबह की है. मृतक की पहचान कुमार गौरव के रूप में हुई है. कुमार गौरव NTPC कोल परियोजना के केरेडारी में डिस्पैच डिपार्टमेंट के DGM के पद पर तैनात थे. कुमार गौरव बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले बताए जा रहे है. उनकी गाड़ी को घेरकर बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी. बताया गया कि यह घटना हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के फतहा के पास हुई गई. घायल अवस्था में डीजीएम कुमार गौरव को आरोग्य अस्पताल में ले जाया गया. जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.  NTPC के DGM पर गोली चलने की खबर मिलने के साथ ही स्थानीय पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है.

ऑफिस जाते समय हुआ हमला, पीठ में लगी गोली

मिली जानकारी के अनुसार NTPC के DGM कुमार गौरव पर हमला उस समय हुआ जब वो शनिवार सुबह अपने ऑफिस के लिए घर से निकले थे. वो ऑफिस की स्कॉर्पियो में सवार थे. उसी दौरान हजारीबाग के कटकमदाग थाना क्षेत्र के फतहा के पास अज्ञात बदमाशों ने उनपर फायरिंग कर दी. बताया जाता है कि गोली कुमार गौरव के पीठ में लगी.

हजारीबाग में NTPC के DGM की हत्या, देखें घटनास्थल की तस्वीरें

इस घटना से आस-पास के इलाके में दहशत फैल गई. पुलिस बदमाशों की धर-पकड़ में जुटी है. हजारीबाग एसपी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि छापेमारी जारी है. इस घटना के बारे में एनटीपीसी कर्मचारी यूनियन से जुड़े एक नेता ने कहा कि यह घटना एनडीटीपी के कर्मचारियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़ा करती है. उन्होंने कहा एनटीपीसी से मृतक डीजीएम के परिवार के भरण-पोषण सहित मुआवजे की मांग की है.

बाइक सवार बदमाशों ने ओवरटेक कर मारी गोली

बताया गया कि शनिवार सुबह जब डीजीएम कुमार गौरव ऑफिस जा रहे थे, तभी कटकमदाग थाना क्षेत्र के फतहा चौक के पास बाइक से अपराधियों ने उनके वाहन को ओवरटेक करते हुए उन पर गोली चला दी. आनन फानन में उन्हें आरोग्य अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया है.

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साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।