मंगलवार, अप्रैल 14 2026 | 03:23:44 PM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गैंगस्टर भानु राणा गिरफ्तार

अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गैंगस्टर भानु राणा गिरफ्तार

Follow us on:

वाशिंगटन. हरियाणा पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कामयाबी मिली है. भारत के दो मोस्ट वांटेड गैंगस्टर  वेंकटेश गर्ग और भानु राणा को जॉर्जिया और अमेरिका में हिरासत में लिया गया है. दोनों को जल्द भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. वेंकटेश गर्ग को जॉर्जिया से प्रत्यर्पित किया जा रहा है, जबकि भानु राणा को अमेरिका से डिपोर्ट किया जाएगा.

कौन है वेंकटेश गर्ग?

वेंकटेश गर्ग, हरियाणा के नारायणगढ़ का रहने वाला है. उसके खिलाफ हत्या, लूट और फिरौती के 10 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. वह गुरुग्राम में बसपा नेता की हत्या में भी शामिल रहा है. फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भागने के बाद उसने जॉर्जिया को अपना नया ठिकाना बना लिया. जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि वह वहां से शूटरों की भर्ती कर रहा था. दिल्ली में हाल ही में हुई फायरिंग के मामले में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई. वेंकट सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को पैसे का लालच देकर अपने गैंग में शामिल कर रहा था. वह कपिल सांगवान के साथ मिलकर एक्सटॉर्शन का सिंडिकेट चला रहा है.

 भानु राणा हथियार सप्लाई का नेटवर्क संभालता है

 भानु राणा हरियाणा के करनाल का निवासी है. वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है और हथियार सप्लाई का नेटवर्क संभालता है. करनाल STF ने उसके इशारे पर काम कर रहे दो लोगों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था.भानु राणा जेल में बंद होने के बावजूद मोबाइल और सोशल मीडिया के जरिए अपने गैंग को निर्देश देता था. उसका नेटवर्क हरियाणा, पंजाब और दिल्ली तक फैला हुआ है.

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस समय दो दर्जन से ज्यादा बड़े गैंगस्टर विदेशों में बैठकर भारत में अपने सिंडिकेट चला रहे हैं.  इनमें गोल्डी बराड़, कपिल सांगवान, अनमोल बिश्नोई, हैरी बॉक्सर, हिमांशु भाऊ जैसे नाम शामिल हैं। ये गैंगस्टर पुर्तगाल, कनाडा, अमेरिका, इंग्लैंड और UAE जैसे देशों में सक्रिय हैं और भारत में अपराध की जड़ें मजबूत कर रहे हैं.

साभार : एनडीटीवी

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

मिडिल ईस्ट में ‘महाशांति’ की आहट या तूफान से पहले की शांति? इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान की ऐतिहासिक मेज, वॉशिंगटन में इजरायल-लेबनान की तैयारी

वॉशिंगटन | रविवार, 12 अप्रैल 2026 मध्य पूर्व (Middle East) का भविष्य इस समय दो …