नई दिल्ली. कांग्रेस नेता शशि थरूर को ‘वीर सावरकर’ पुरस्कार लेने से इंकार कर दिया है. तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद को बुधवार को नई दिल्ली में एचआरडीएस इंडिया द्वारा पहला ‘वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवार्ड 2025′ देने का ऐलान किया गया था. जानिए क्या है ये वीर सावरकर पुरस्कार.
वीर सावरकर पुरस्कार
वीर सावरकर पुरस्कार कोई एक सरकारी पुरस्कार नहीं है, बल्कि यह महान स्वतंत्रता सेनानी, दार्शनिक और लेखक विनायक दामोदर सावरकर (Veer Savarkar) के याद और उनके आदर्शों को समर्पित पुरस्कारों का एक समूह है, जिन्हें मुख्य रूप से गैर-सरकारी संस्थाओं या संस्थानों की ओर से दिया जाता है. ये पुरस्कार आमतौर पर उन व्यक्तियों या संगठनों को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं जिन्होंने किसी विशेष क्षेत्रों में योगदान दिया हो.
कौन देता है ये अवार्ड
सावरकर एक फेमस लेखक और कवि थे, इसलिए उनके नाम पर साहित्य, इतिहास और पत्रकारिता के क्षेत्र में अच्छे कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाता है. उन व्यक्तियों को सम्मानित करना जो राष्ट्रीय विकास, सामाजिक सुधार, या वंचित समुदायों के सशक्तिकरण के लिए काम करते हैं, जैसा कि सावरकर ने सामाजिक एकता पर जोर दिया था.
गैर-सरकारी संगठन (NGOs), शैक्षणिक संस्थान और सांस्कृतिक मंच भी सावरकर के नाम पर सम्मान करते हैं. जैसे हाल ही में ‘हाईरेंज रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (HRDS) इंडिया’ द्वारा शुरू किया गया ‘वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड’.
साभार : एनडीटीवी
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