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छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ईडी की गाड़ियों पर किया हमला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रायपुर. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास से जांच करने के बाद सोमवार शाम में लौट रहे ईडी (ED) के अधिकारियों की गाड़ियों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया. कार्यकर्ताओं ने कारों को रोकने की कोशिश की. वहीं, कुछ लोग गाड़ी के ऊपर भी चढ़ गए और गाड़ी को मुक्के मारे. इसके अलावा किसी कार्यकर्ता ने गाड़ी पर पत्थर भी चलाए, जिस वजह से कार की विंड शील्ड टूट गई.

कार्यकर्ताओं के हमले के बाद अधिकारियों ने भिलाई-3 थाने में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस को हमले से जुड़ा वीडियो भी मिला है. इसके आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है. दुर्ग के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला ने बताया कि हमें ईडी के अधिकारियों से मौखिक शिकायत मिली कि प्रदर्शनकारियों ने उनके वाहनों को रोकने की कोशिश की और पत्थर फेंके. इससे एक वाहन की खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया. उन्होंने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज किया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी.

ईडी की भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chhattisgarh Former CM Bhupesh Baghel) के घर से ईडी (ED, प्रवर्तन निदेशालय) को छापेमारी के दौरान 33 लाख रुपये कैश मिला. ईडी ने 11 घंटे तक छापेमारी की. उन्होंने कहा कि ईडी ने घर में किसी भी सदस्य से पूछताछ नहीं की है. बस यही जाना कि किसके पास कितना सोना और चांदी है. साथ ही संपत्ति के बारे में जानकारी ली.

सूत्रों के अनुसार, ED ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल और उनके एक पूर्व OSD को पूछताछ के लिए 11 मार्च को रायपुर स्थित ED दफ्तर बुलाया है, लेकिन 11 मार्च को चैतन्य बघेल नहीं जाएंगे. होली के बाद 15 मार्च को बयान देने के लिए चैतन्य बघेल ED दफ्तर जा सकते हैं.

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साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।