नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि बार काउंसिल चुनावों की निगरानी के लिए वे हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों को नियुक्त कर सकता है। बार काउंसिल चुनावों को निष्पक्ष और मुक्त बनाने के लिए ये पहल हो रही है। सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया और राज्य बार काउंसिल्स पर विश्वास कमजोर हो रहा है, इसलिए हर राज्य में रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र चुनाव समिति नियुक्त की जाएगी, जो बार काउंसिल के चुनावों की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी।
बार काउंसिल को चुनाव की तारीखों की जल्द घोषणा करने का निर्देश
बार काउंसिल को चुनाव प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जा सकता
31 अक्टूबर को, सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल के चुनावों के लिए 10 दिनों में नोटिफिकेशन जारी करने और 31 दिसंबर तक चुनाव कराने का निर्देश दिया। इसने BCI को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव भी 31 जनवरी, 2026 तक कराने और वोटर्स की सही और जायज शिकायतों को दूर करने का भी निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश तब दिए जब यह बताया गया कि पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल के चुनावों के लिए नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है और उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची वेबसाइट पर अपलोड नहीं की जा रही है।
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