लोड हो रहा है...

बलूच विद्रोहियों ने तोड़ी पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की कमर, कई जिलों में किए हमले

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हालात बेकाबू हो गए हैं। पहले बलूच विद्रोहियों ने क्वेटा-पेशावर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया। इस ट्रेन में लगभग 500 यात्री सवार थे, जिसमें 100 से अधिक पाकिस्तानी सेना के जवान थे। इन्हें छुड़ाने के लिए मंगलवार रात से बलूच लिबरेशन आर्मी और पाकिस्तानी सेना में मुठभेड़ जारी है। इस बीच पूरे बलूचिस्तान से पाकिस्तानी सेना पर हमलों की खबरें हैं। बलूचिस्तान में अज्ञात सशस्त्र समूहों ने कई जिलों में पुलिस और अर्धसैनिक कर्मियों को निशाना बनाया है। विद्रोहियों ने कई थानों पर हमले कर हथियार लूटे हैं।

पुलिस का हथियार लूटकर भागे विद्रोही

रिपोर्ट के अनुसार, अज्ञात बंदूकधारियों ने मस्तंग के हिंदू मोहल्ला क्षेत्र में एक पुलिस चौकी पर हमला किया, पुलिस और ईगल स्क्वाड कर्मियों के हथियार और सामान लूट लिया और फिर घटनास्थल से भाग गए। एक अन्य घटनाक्रम में, हथियारबंद लोगों ने खुजदार के नाल क्षेत्र में ग्रोक लेवी चेकपोस्ट पर धावा बोला और लेवी कर्मियों से हथियार और मोटरसाइकिल छीन कर भाग गए। 

पुलिस स्टेशनों पर हमले

खुजदार के वाध क्षेत्र में एक अलग हमला हुआ, जहां सशस्त्र लड़ाकों ने किल्ली सालेह मोहम्मद रोड पर एक पुलिस स्टेशन पर धावा बोला। हमलावरों ने पुलिस अधिकारियों को बंधक बना लिया, बाद में उन्हें बिना किसी नुकसान के रिहा कर दिया और स्टेशन से सभी सरकारी हथियार और उपकरण लूट लिए। इसी तरह का हमला ओरमारा में हुआ, जहां अज्ञात हमलावरों ने मकुला इलाके में तटीय राजमार्ग पुलिस (10-एन) वाहन को निशाना बनाया। हमलावरों ने पुलिस वाहन को आग लगाने से पहले सरकारी हथियार और अन्य उपकरण लूट लिए।

साभार : नवभारत टाइम्स

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।