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टेस्ला चीफ एलन मस्क ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मांगी माफी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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वाशिंगटन. टेस्ला चीफ एलन मस्क ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से माफी मांग ली है. मस्क ने बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करके अपनी गलती मानी. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके अपनी गलती स्वीकार की. मस्क ने पिछले कुछ पोस्ट्स में ट्रंप के बयानों और नीतियों का समर्थन किया. उन्होंने इसके साथ ही लॉस एंजिलिस में अवैध अप्रवासियों के खिलाफ हुई छापेमारी को लेकर खुशी जताई. इसस पहले, एक इंटरव्यू में अमेरिका के राष्ट्रपति टंप से मस्क के बारे में सवाल किया गया, जिसका जवाब उन्होंने बहुत ही शांत लहजे में दिया. ट्रंप का ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसी वीडियो पर एलन मस्क ने रेड हार्ट इमोजी कॉमेंट की.

ट्रंप ने मस्क को दी थी खुली धमकी

बता दें, मस्क ट्रंप के खिलाफ की गई अपने कुछ पोस्ट्स को हटा चुके हैं. मस्क ने उन पोस्ट में ट्रंप का यौन अपराधी एप्सटीन से रिश्ता जोड़ दिया था. उन्होंने साथ ही ट्रंप के खिलाफ महाभियोग लाने की भी बात की थी. डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि एलन मस्क के साथ उनका रिश्ता खत्म हो गया है. ट्रंप ने तो मस्क को धमकी तक दे दी थी कि अगर उन्होंने विपक्षी दल डेमोक्रेट्स का साथ दिया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेगें.

इस वजह से दोनों के बीच हुई लड़ाई

बता दें, ट्रंप और मस्क बिग ब्यूटीफुल बिल को लेकर आमने-सामने आए गए हैं. ट्रंप इस बिल के समर्थन में हैं तो वहीं मस्क इसके खिलाफ हैं. बिल एक वोट के अंतर से 22 मई को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से पास हो चुका है. बिल के समर्थन में 215 और विरोध में 214 वोट मिले थे. बिल अब सीनेट में विचाराधीन है. चार जुलाई 2025 तक इसके पास करवाना है. मस्क अब इस बिल के खिलाफ में सबसे बड़ा रोड़ा दिखाई दे रहे हैं.

बिल पर दोनों पक्षों का क्या तर्क है

ट्रंप ने दावा किया है कि ये देशभक्ति से भरा हुआ कानून है. इसके पारित होने से अमेरिका में निवेश बढ़ेगा. इससे चीन पर से निर्भरता घटेगी. वहीं, मस्क इसे बेकार खर्चों से भरा बिल बता रहे हैं. मीडिया रिपोर्टों की मानें तो बिल को पास होने से रोकने के लिए मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी के तीन सांसदों को अपने पाले में कर लिया है.

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साभार : न्यूजनेशन

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।