शुक्रवार, जनवरी 23 2026 | 04:07:38 PM
Breaking News
Home / राज्य / उत्तरप्रदेश / कोर्ट ने बहराइच सांप्रदायिक हिंसा के मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी तथा 9 अन्य को सुनाई उम्रकैद की सजा

कोर्ट ने बहराइच सांप्रदायिक हिंसा के मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी तथा 9 अन्य को सुनाई उम्रकैद की सजा

Follow us on:

लखनऊ. बहराइच के चर्चित रामगोपाल मिश्रा हत्याकांड में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. इस हिंसा के मामले में मुख्य आरोपी अब्दुल हमीद सहित 10 लोग दोषी करार हुए हैं. रामगोपाल मिश्रा हत्याकांड में दोषी 9 लोगों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी की सजा सुनाई है. कोर्ट ने सभी आरोपियों पर एक लाख का जुर्माना लगाया है, प्रथम अपर जिला जज की अदालत ने यह फैसला सुनाया है.

बहराइच कोर्ट ने मंगलवार को जिन 10 लोगों को दोषी ठहराया था उनमें अब्दुल हमीद और उसके तीन बेटे सहित छह अन्य लोग शामिल थे. दोषियों में अब्दुल हमीद, उसके बेटे फहीम, सरफराज, तालिब, सैफ, जावेद खान, जिशान, ननकऊ, शोएब, मारुफ अली, खुर्शीद, अफजल और शकील शामिल हैं. इस मामले में तीन आरोपियों शकील अहमद, बबलू अफजल उर्फ कल्लू और खुर्शीद को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया था.

बता दें कि पिछले साल दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान 13 अक्टूबर को रामगोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. पुलिस ने इस मामले की जांच के बाद 11 जनवरी 2025 को अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था. इस मामले से जुड़े 12 गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी थी. 21 नवंबर को जज ने फैसला सुरक्षित रखा और बीते मंगलवार  दिसंबर को 10 आरोपियों को दोषी ठहराया और तीन को दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया था.

फैसला आने से पहले मृतक रामगोपाल के बड़े भाई ने कहा था कि मुझे पता चला कि मेरा छोटा भाई घायल हो गया है, जब मैं मौके पर पहुंचा, तो मुझ पर हमला किया गया. उन्होंने मुझे लाठियों, रॉड और धारदार हथियारों से मारा. मेरे सिर और हाथ पर चोट लगी, और मेरी आंख पर भी असर हुआ. उन्होंने मेरे सामने ही मेरी गाड़ी में आग लगा दी. आज तक मुझे कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है और न ही कोई मेरा हालचाल पूछने आया है. असली गुनहगार अभी भी आजाद हैं, उन्हें रिहा कर दिया गया है.”

साभार : एबीपी न्यूज

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

भव्य रूप से सजा हुआ अयोध्या का राम जन्मभूमि पथ और पर्यटकों की भीड़।

रामलला प्राण प्रतिष्ठा के 2 साल: अयोध्या की बदली सूरत और ₹10,000 करोड़ की अर्थव्यवस्था

अयोध्या. 22 जनवरी 2024 को हुई रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पिछले दो वर्षों …