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स्टांप चोरी के आरोप में अब्दुल्ला आजम पर लगा 4.64 करोड़ रुपए का जुर्माना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और उनके परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. करोड़ों की स्टांप चोरी मामले में फंसे आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्लाह आजम के खिलाफ अब आरसी जारी हो गई है. ऐसे में अब उनसे 4.64 करोड़ रुपये के जुर्माने की वसूली की जाएगी. उन्हें जुर्माने के साथ दस फीसद अतिरिक्त वसूली यानी प्रशासनिक कर भी जमा करना होगा.

अब्दुल्लाह आजम पर साल 2019 और 2022 में खरीदी गई जमीन की रजिस्ट्री में स्टांप की चोरी पकड़ी गई थी. इस मामले में एडीएम कोर्ट ने अप्रैल महीने में उन्हें 4.64 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया था. कोर्ट ने 30 दिनों के भीतर ये राशि जमा करने के निर्देश दिए थे. लेकिन, अब्दुल्लाह आजम ने इस जुर्माने को जमा नहीं किया था, जिसके बाद अब एडीएम वित्त एवं राजस्व ने वसूली के लिए नोटिस भेजा है.

डीएम कोर्ट ने लगाया था अर्थदंड

प्रशासन के मुताबिक अब्दुल्लाह आजम ने 2022 घाटमपुर-बेनजीर क्षेत्र में जमीनें खरीदी थीं, जिसमें करीब डेढ़ हेक्टेयर जमीन की खरीद पर स्टांप चोरी करने का मामला सामने आया था. इस मामले में 2023 तत्कालीन एसडीएम ने डीएम को रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें स्टांप चोरी के बारे में जानकारी दी गई थी. इसके बाद इस मामले में शिकायत दर्ज की गई और फिर डीएम कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई.

अप्रैल महीने में कोर्ट ने अब्दुल्लाह आजम को स्टांप चोरी मामले में दोषी पाया और उन पर 4.64 करोड़ का जुर्माना लगाया था. डीएम ने स्टांप चोरी के तीन केस में ये अर्थदंड लगाया था. इस जुर्माने को उन्हें तीस दिनों के अंदर जमा करना था, लेकिन ये जुर्माना अब तक जमा नहीं किया गया है. एडीएम वित्त एवं राजस्व ने अब इस जुर्माने की वसूली के लिए आरसी भेजी है और वसूली सुनिश्चित करने कि लिए कहा है. बता दें कि अब्दुल्लाह आजम कुछ समय पहले ही हरदोई की जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर आए हैं. हालांकि, अभी भी उनके पर कई मुकदमें चल रहा हैं और फिलहाल उनकी मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।