लोड हो रहा है...

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बंद की गई प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ के चलते बड़ा फैसला लिया गया है। दरअसल, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अब प्लेटफॉर्म टिकट नहीं मिलेगी। काउंटर्स से इन टिकटों की बिक्री बंद कर दी गई है और यह आदेश 26 फरवरी 2025 तक लागू रहेगा। ऐसे में अब भगदड़ के बाद NDLS पर कोई प्लेटफॉर्म टिकट लोगों को नहीं दिया जाएगा। इस व्यवस्था के लिए और क्राउड मैनेजमेंट के लिए रेलवे स्टेशन पर 6 इंस्पेक्टर तैनात कर दिए गए हैं, जिन्हें NDLS में काम करने का अच्छा अनुभव है और इन अधिकारियों में से कुछ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में SHO पद पर रहकर काम कर चुके हैं।

रेलवे ने एंट्री-एग्जिट के नियम बदले

बता दें कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट के नियम भी बदल दिए गए हैं, ताकि लोग सुविधाजनक तरीके से अपने प्लेटफॉर्म तक पहुंच पाएं और रेलवे स्टेशन में ज्यादा भीड़ न हो। नए नियम के अनुसार, अब प्लेटफार्म नंबर 160 पर जाने वाले यात्रियों के लिए गेट नंबर-12 से एंट्री पॉइंट बनाया गया है। प्लेटफॉर्म-16 की सीढ़ियों वाला एक तरफ का रास्ता बंद कर दिया गया है। महाकुंभ जाने वाली ट्रेनें प्लेटफॉर्म-16 पर ही आएंगी और यहीं से जाएंगी। स्टेशन का यह हिस्सा अब पूरी तरह से महाकुंभ यात्रियों के लिए रहेगा। ऐसे में अब महाकुंभ के यात्री सिर्फ अजमेरी गेट से एंट्री एग्जिट करेंगे। पहाड़गढ़ वाले गेट से इन यात्रियों को एंट्री नहीं मिलेगी।

शनिवार रात भगदड़ में मारे गए 18 लोग

बता दें कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी दिन शनिवार की रात को भगदड़ मच गई थी। हादसे में एक दूसरे के नीचे दबने और कुचले जाने पर दम घुटने से 18 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 9 महिलाएं, 5 बच्चे और 4 पुरुष शामिल हैं। मृतकों में बिहार के 9, दिल्ली के 8 और हरियाणा का एक शख्स शामिल है। वहीं भगदड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने की मांग की गई है। एक वकील ने जस्टिस अभय ओका की बेंच से मामले में संज्ञान लेने को मांग की। जस्टिस ओका ने एडवोकेट से CJI की बेंच के सामने मामले को मेंशन करने के लिए कहा है। रेल मंत्रालय पहले ही हादसे की जांच के लिए 2 सदस्यीय कमेटी गठित कर चुका है।

साभार : न्यूज24

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।