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अब ईरान चाहता है इजरायल से युद्धविराम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

तेहरान. जैसे-जैसे ईरान-इज़राइल संघर्ष अपने चौथे दिन में पहुंच रहा है, हालात और गंभीर होते जा रहे हैं. इस बीच इजरायल ने दावा क‍िया है क‍ि ईरान की राजधानी तेहरान के आसमान पर उसका कब्‍जा हो गया है. उसके फाइटर जेट्स खुलेआम घूम रहे हैं. इस बीच ईरान में अफरातफरी मच गई है. लोग भाग रहे हैं. इस बीच ईरान ने जंग खत्‍म करने की शर्त रख दी है. ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा क‍ि पहले इजरायल हमले रोके, उसके बाद ही हमल अटैक बंद करेंगे. इसके कुछ ही देर बाद ईरान के सरकारी अखबार हमशाहरी का कहना है कि आईआरआईबी समाचार चैनल को निशाना बनाकर किए गए इजरायली हवाई हमलों में कई न्‍यूज एंकर मारे गए हैं. इस बीच G-7 मीटिंग में ह‍िस्‍सा लेने पहुंचे अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा, हम हमेशा इजरायल का सपोर्ट करेंगे.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने इजरायल के हाइफ़ा स्थित रिफाइनरी पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है. यह हमला इजरायल द्वारा ईरान के ऊर्जा और परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों के जवाब में किया गया बताया जा रहा है. अब तक इजरायल के किए गए हमले में ईरान के 250 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं इजरायल की ओर से कहा गया है कि अब तक हुए ईरानी मिसाइल हमलों में 3 की मौत हुई है, जबकि करीब 100 लोग जख्मी हुए हैं.

ट्रंप को मारना चाहता है इजरायल

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को दावा किया कि ईरान के इस्लामी शासन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने परमाणु कार्यक्रम के लिए खतरा माना है और उनकी हत्या करने की कोशिश की है. पीएम नेतन्याहू ने कहा कि ईरान ट्रंप को मारना चाहता है. वह दुश्मन नंबर एक हैं. नेतन्याहू ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप एक निर्णायक नेता हैं. उन्होंने कभी भी दूसरों की तरह उनके साथ कमजोर तरीके से सौदेबाजी करने का रास्ता नहीं अपनाया, जिससे उन्हें मूल रूप से यूरेनियम को समृद्ध करने का रास्ता मिल गया.

साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।