गुरुवार, जनवरी 01 2026 | 11:53:56 AM
Breaking News
Home / व्यापार / निर्मला सीतारमण ने नेशनल टाइम रिलीज स्टडी (एनटीआरएस) के पांचवें संस्करण का विमोचन किया

निर्मला सीतारमण ने नेशनल टाइम रिलीज स्टडी (एनटीआरएस) के पांचवें संस्करण का विमोचन किया

Follow us on:

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज नई दिल्ली में आयोजित सीबीआईसी संगोष्ठी के दौरान राष्ट्रीय टाइम रिलीज स्टडी (एनटीआरएस) के पांचवें संस्करण का विमोचन किया।

टाइम रिलीज़ स्टडी (टीआरएस) एक प्रदर्शन माप साधन है जो कार्गो रिलीज़ को जारी करने में लगने वाले समय का मात्रात्मक मूल्यांकन संबंधी जानकारी देता है, जिससे निकासी प्रक्रिया की दक्षता का मूल्यांकन करने में सहायता मिलती है। वर्ष 2019 से, टीआरएस का आयोजन 15 प्रमुख स्थानों पर आयोजित किया गया है, जिसमें पत्तन, एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स (एसीसी), अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) और एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) शामिल हैं।

भारत के टीआरएस की एक प्रमुख ताकत सीधे कस्टम ऑटोमेटेड सिस्टम से प्राप्त सटीक और विश्वसनीय डेटा का उपयोग है, जिसे सिस्टम और डेटा प्रबंधन महानिदेशालय, सीबीआईसी द्वारा संचालित किया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में, टीआरएस की व्यापकता में काफी बढोतरी हुई है। चुनिंदा गेटवे पत्तनों में रिलीज समय को मापने वाली एक रिपोर्ट के रूप में शुरू हुई इस रिपोर्ट में ट्रांजिट कार्गो, कूरियर शिपमेंट और कमोडिटी-विशिष्ट आकलन जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी सम्मिलित किया गया।

पांचवें संस्करण में चरण-वार और प्रक्रिया-विशिष्ट मूल्यांकन को सक्षम करने के लिए उन्नत पद्धतियों का भी प्रयोग किया गया है और इसमें तीन अतिरिक्त पत्तनों कोच्चि बंदरगाह, गढ़ी हरसरू आईसीडी और जयगांव एलसीएस को सम्मिलित कर कार्य क्षेत्र में बढोतरी की गई है।

आयात खंड में वर्ष 2023 और 2025 के मध्य पत्तनों (~6 घंटे), एसीसी (~5 घंटे) और आईसीपी (~18 घंटे) में औसत रिलीज समय (एआरटी) में गिरावट आई, जबकि आईसीडी में लगभग 12 घंटे की वृद्धि देखी गई। एनटीएफएपी 3.0 लक्ष्यों के मुकाबले प्रदर्शन से पता चला कि आईसीपी पर 93.33% आयात कार्गो ने 48 घंटे का लक्ष्य पूरा किया, इसके बाद एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स (24 घंटे के भीतर 55.03%), पत्तन (51.76%) और आईसीडी (43.70%) का स्थान रहा।

समयसीमा में सुधार के लिए मुख्य योगदानकर्ताओं में “त्वरित कार्यवाही” सम्मिलित है – जिसमें अग्रिम फाइलिंग, आरएमएस-आधारित सुविधा, एईओ मान्यता और डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी (डीपीडी) का प्रयोग किया गया है। हालांकि, शुल्क भुगतान, संशोधन/जांच समाधान, पीजीए हस्तक्षेप और पोस्ट-क्लीयरेंस लॉजिस्टिक्स जैसी प्रक्रियाओं में देरी देखी गई।

आगमन से लेकर अंतिम प्रस्थान तक निर्यात कार्गो विश्लेषण से पत्तनों की श्रेणियों में विभिन्न प्रारूपों की जानकारी मिली। विनियामक मंजूरी (आगमन से एक्सपोर्ट ऑर्डर में देरी तक) एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स (4 घंटे से कम) और आईसीपी (06:10 घंटे) पर सबसे तेज़ थी। पत्तनों पर, विनियामक अनुमति औसतन 29:36 घंटे थी, जिसमें एलईओ के बाद लॉजिस्टिक्स 157:50 घंटे तक बढ़ा। आईसीडी में, निर्यात की विनियामक अनुमति में 30 घंटे लगे, जिसमें एलईओ के बाद लॉजिस्टिक्स समय में सुधार करके 99:51 घंटे कर दिया गया।

पत्तनों पर सुविधा का उच्च स्तर (87-93%) देखा गया। रिलीज का समय कार्गो की विशेष तथ्यों से भी प्रभावित हुआ। उदाहरण के लिए, रेफ्रिजरेटेड सामान एयर कार्गो के माध्यम से तेजी से भेजा गया, फैक्ट्री-स्टफ्ड कार्गो को आईसीडी-स्टफ्ड कार्गो की तुलना में जल्दी अनुमति दी गई।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

निवेशकों के लिए अच्छी खबर: जीआरई रिन्यू एनरटेक को आईपीओ के लिए मंज़ूरी

दिल्ली, दिसंबर 2025: स्वच्छ ऊर्जा में निवेश की तरफ लोगों का रुख तेजी से बढ़ रहा …