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एनआईए चीफ सदानंद दाते को उनके मूल कैडर महाराष्ट्र वापस भेज दिया गया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने NIA के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते को उनके मूल कैडर महाराष्ट्र में समय से पहले वापस भेजने की मंजूरी दे दी है. सरकारी आदेश के अनुसार, यह कदम तत्काल प्रभाव से लागू होगा. बता दें, दाते महाराष्ट्र के नए डीजीपी के लिए सबसे आगे माने जा रहे हैं क्योंकि वर्तमान डीजीपी रश्मि शुक्ला का कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है.

26/11 मुंबई हमलों में दाते ने निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका

बता दें, दाते 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें 26/11 मुंबई हमलों के दौरान उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए व्यापक रूप से सराहा गया है. उन्होंने एनआईए के महानिदेशक के रूप में 31 मार्च, 2024 को सेवानिवृत्त हुए दिनकर गुप्ता की जगह ली थी. एनआईए में शामिल होने से पहले दाते महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) के प्रमुख थे और उन्होंने राज्य में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है. बता दें, दाते मीरा भायंदर वसई विरार के पुलिस आयुक्त, कानून और व्यवस्था के संयुक्त आयुक्त और मुंबई में अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रह चुके है.

इसके अलावा, सदानंद वसंत दाते ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में उप महानिरीक्षक और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में महानिरीक्षक के रूप में भी कार्य किया है. उन्हें उनकी बहादुरी और उत्कृष्ट सेवा के लिए कई पदकों से सम्मानित किया गया है. नवंबर 2008 के मुंबई हमलों के दौरान आतंकवादियों से निपटने में उनकी भूमिका के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से नवाजा गया था. इसके अलावा, उन्हें 2007 में राष्ट्रपति पुलिस सराहनीय सेवा पदक और 2014 में राष्ट्रपति पुलिस विशिष्ट सेवा पदक भी मिल चुका है.

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साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।